विस्तृत उत्तर
ललिता त्रिशती (300 नाम) देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी के 300 पवित्र नामों का संग्रह है। यह ब्रह्माण्ड पुराण में वर्णित है और श्री विद्या उपासना का महत्वपूर्ण अंग है।
विशेषता
- ▸इसके प्रत्येक नाम का प्रारंभ श्री विद्या के पंचदशाक्षरी मंत्र के 15 बीजाक्षरों से होता है (प्रत्येक बीज से 20 नाम = 15 × 20 = 300)।
- ▸यह ललिता सहस्रनाम से भी अधिक गोपनीय माना गया है।
पाठ विधि
- 1प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध (लाल/गुलाबी) वस्त्र।
- 2ललिता देवी/श्री यंत्र के सामने बैठें।
- 3कुमकुम, लाल पुष्प, मिठाई अर्पित करें।
- 4ललिता त्रिशती का पाठ करें — प्रत्येक नाम 'ॐ' से आरंभ और 'नमः' से अंत।
- 5शुक्रवार और पूर्णिमा विशेष शुभ।
लाभ
- ▸श्री विद्या सिद्धि में सहायक।
- ▸सौंदर्य, सौभाग्य, आकर्षण वृद्धि।
- ▸दांपत्य सुख और प्रेम।
- ▸बुद्धि, विद्या और कला उन्नति।
- ▸सर्व मनोकामना पूर्ति।
- ▸मोक्ष प्राप्ति।
ध्यान रखें: कुछ श्री विद्या गुरुओं का मत है कि त्रिशती पाठ गुरु दीक्षा के बाद ही करना चाहिए। सामान्य भक्ति पाठ सभी कर सकते हैं।





