विस्तृत उत्तर
तंत्रराज तंत्र = श्री विद्या/ललिता का सर्वप्रमुख ग्रंथ (Wikipedia verified):
संरचना: 36 पटल (अध्याय)। शिव-शक्ति संवाद।
श्री विद्या साधना (Wikipedia sources)
- 1षोडशी मंत्र: 16 अक्षरी श्री विद्या मंत्र = मुख्य विषय।
- 2श्री चक्र: 9 आवरण पूजा — बिंदु = ललिता।
- 3नवावरण: प्रत्येक आवरण = देवता समूह + मंत्र।
- 412 मुख (Wikipedia): मनु, चंद्र, कुबेर, लोपामुद्रा, मन्मथ, अगस्त्य, अग्नि, सूर्य, इंद्र, स्कंद, शिव, दुर्वासा — 12 श्री विद्या उपासक।
- 5कादी/हादी मत: दो प्रमुख श्री विद्या मार्ग।
टीकाकार (Wikipedia): सुभगानंद नाथ (22 पटल 'मनोरमा'), प्रकाशानंद (शेष 14), भास्कर राय (18वीं शती — 'सर्वतंत्र स्वतंत्र, अलौकिक शक्ति')।
गुरु अनिवार्य: श्री विद्या = गुप्तमें गुप्त — बिना दीक्षा = निषिद्ध।





