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तंत्र ग्रंथ📜 योगिनी तंत्र, शाक्त परंपरा, 64 योगिनी1 मिनट पठन

योगिनी तंत्र में किस प्रकार की साधनाएं वर्णित हैं?

संक्षिप्त उत्तर

64 योगिनी = 64 शक्ति रूप। साधनाएं: योगिनी पूजा, चक्र साधना, कुण्डलिनी, डाकिनी, मंत्र-यंत्र। मंदिर: हीरापुर, मितौली, खजुराहो। गुरु दीक्षा अनिवार्य। [समीक्षा आवश्यक] — गुरुमुखी।

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विस्तृत उत्तर

योगिनी तंत्र = शाक्त तंत्र का महत्वपूर्ण अंग — 64 योगिनियों (शक्ति रूप) की साधना:

वर्णित साधनाएं

  1. 164 योगिनी पूजा: 64 शक्ति रूपों की क्रमिक उपासना — प्रत्येक = विशिष्ट शक्ति।
  2. 2चक्र साधना: चक्रपूजा, योगिनी चक्र।
  3. 3कुण्डलिनी: योगिनी = कुण्डलिनी शक्ति के विभिन्न रूप।
  4. 4डाकिनी-योगिनी: सूक्ष्म शक्तियों की साधना।
  5. 5मंत्र-यंत्र: प्रत्येक योगिनी का विशिष्ट मंत्र और यंत्र।

64 योगिनी मंदिर: हीरापुर (ओडिशा), मितौली (MP), खजुराहो — प्राचीन तांत्रिक केंद्र।

ध्यान रखें: योगिनी साधना = अत्यंत गोपनीय और उन्नत — गुरु दीक्षा अनिवार्य। सार्वजनिक ग्रंथों में अपूर्ण विधि।

[समीक्षा आवश्यक]: योगिनी तंत्र की विशिष्ट साधना विधियां = गुरुमुखी।

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शास्त्रीय स्रोत
योगिनी तंत्र, शाक्त परंपरा, 64 योगिनी
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