विस्तृत उत्तर
योगिनी तंत्र = शाक्त तंत्र का महत्वपूर्ण अंग — 64 योगिनियों (शक्ति रूप) की साधना:
वर्णित साधनाएं
- 164 योगिनी पूजा: 64 शक्ति रूपों की क्रमिक उपासना — प्रत्येक = विशिष्ट शक्ति।
- 2चक्र साधना: चक्रपूजा, योगिनी चक्र।
- 3कुण्डलिनी: योगिनी = कुण्डलिनी शक्ति के विभिन्न रूप।
- 4डाकिनी-योगिनी: सूक्ष्म शक्तियों की साधना।
- 5मंत्र-यंत्र: प्रत्येक योगिनी का विशिष्ट मंत्र और यंत्र।
64 योगिनी मंदिर: हीरापुर (ओडिशा), मितौली (MP), खजुराहो — प्राचीन तांत्रिक केंद्र।
ध्यान रखें: योगिनी साधना = अत्यंत गोपनीय और उन्नत — गुरु दीक्षा अनिवार्य। सार्वजनिक ग्रंथों में अपूर्ण विधि।
[समीक्षा आवश्यक]: योगिनी तंत्र की विशिष्ट साधना विधियां = गुरुमुखी।





