विस्तृत उत्तर
तांत्रिक आहुति विधि:
कैसे
- 1दाहिने हाथ से सामग्री (घी+तिल/जौ+विशेष) लें।
- 2मंत्र पूर्ण बोलें → अंत में 'स्वाहा' बोलते हुए अग्नि में डालें।
- 3'स्वाहा' = 'अग्नि देवता को समर्पित' — बिना 'स्वाहा' = अधूरी।
- 4दाहिने हाथ अंगूठा+मध्यमा+अनामिका = सामग्री पकड़ें। तर्जनी+कनिष्ठिका ऊपर।
कितनी (पुरश्चरण नियम)
- ▸दशांश: जप संख्या ÷ 10 = आहुति। सवा लाख जप → 12,500 आहुति।
- ▸सामान्य: 108 (1 माला) = न्यूनतम।
- ▸विशेष: 1,008 = मध्यम।
- ▸पूर्णाहुति: अंतिम = नारियल+घी+गुड़+मेवा+समिधा।
नियम: प्रत्येक आहुति = पूर्ण मंत्र। जल्दबाजी नहीं। अग्नि प्रज्वलित रहे।




