विस्तृत उत्तर
होम (हवन) = अग्नि में विशिष्ट द्रव्यों की आहुति देकर देवताओं को प्रसन्न करने की वैदिक विधि। मंदिर में होम एक विशेष अनुष्ठान है।
होम (हवन) की विधि
1पूर्व तैयारी
- ▸शुभ मुहूर्त निश्चय (ज्योतिषी/पुरोहित से)
- ▸हवन कुंड तैयार (चौकोर — सबसे प्रचलित)
- ▸सामग्री संग्रह
- ▸प्रमुख पुरोहित (आचार्य) और सहायक पुरोहित
2हवन सामग्री
- ▸हवन कुंड — ईंट/ताँबा/मिट्टी
- ▸समिधा — आम, पीपल, पलाश की लकड़ी
- ▸घी (शुद्ध गो-घृत) — प्रमुख आहुति द्रव्य
- ▸हवन सामग्री मिश्रण — तिल, जौ, चावल, गुग्गुल, कपूर, चंदन, अगर, तगर आदि
- ▸नवग्रह समिधा (ग्रह शान्ति हेतु)
- ▸पूर्णाहुति सामग्री — नारियल, सुपारी, पान
3होम की प्रक्रिया
चरण 1 — संकल्प
यजमान (करवाने वाला) अपना नाम, गोत्र, नक्षत्र, और होम का उद्देश्य बोलकर संकल्प करता है।
चरण 2 — अग्नि स्थापना
- ▸कुंड में समिधा सजाना
- ▸वैदिक मंत्रों से अग्नि प्रज्वलित
- ▸अग्निदेव का आवाहन
चरण 3 — आहुतियाँ
- ▸प्रत्येक मंत्र के अंत में 'स्वाहा' बोलकर घी + सामग्री अग्नि में डालना
- ▸'इदं न मम' (यह मेरा नहीं — समर्पण भाव)
- ▸आहुतियों की संख्या — 108 / 1008 / मंत्र संख्या का दशांश
चरण 4 — पूर्णाहुति
- ▸अंतिम आहुति — नारियल + घी + सुपारी + मिठाई
- ▸सबसे महत्वपूर्ण क्षण — सम्पूर्ण यज्ञ का फल इसमें
चरण 5 — शान्ति पाठ
'ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः...' — शान्ति मंत्र
- ▸भस्म/प्रसाद वितरण
- ▸ब्राह्मण भोजन और दक्षिणा
4होम के प्रकार
- ▸गणपति होम — विघ्न निवारण
- ▸नवग्रह होम — ग्रह दोष शान्ति
- ▸महामृत्युंजय होम — रोग/मृत्यु भय निवारण
- ▸सुदर्शन होम — रक्षा
- ▸रुद्र होम — शिव कृपा
- ▸लक्ष्मी होम — धन-समृद्धि
- ▸वास्तु होम — गृह शान्ति
मंदिर में करवाने के लिए
मंदिर प्रशासन से सम्पर्क करें — अधिकांश बड़े मंदिरों में होम सेवा उपलब्ध। शुल्क, सामग्री, और समय — मंदिर अनुसार।





