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विस्तृत उत्तर
असितांग भैरव के मूल मंत्र के अंत में 'ॐ ह्रीं फट् स्वाहा' का प्रयोग किया गया है।
फट्' एक अस्त्र बीज है जो नकारात्मक शक्तियों के विनाश और मंत्र की शक्ति को क्रियाशील करने के लिए प्रयोग होता है।
स्वाहा' आहुति या समर्पण का बीज है जो मंत्र की ऊर्जा को देवता को समर्पित करता है।
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