विस्तृत उत्तर
असितांग भैरव का मूल शाप-निवारक मंत्र इस प्रकार है:
ॐ ह्रीं ह्रां ह्रीं ह्रुं जं क्लां क्लीं क्लुं ब्राह्मी देवी समेताय असिताङ्ग भैरवाय सर्व शाप निवर्तिताय ॐ ह्रीं फट् स्वाहा
यह मंत्र अष्ट भैरव परंपरा का एक अत्यंत दुर्लभ एवं शक्तिशाली प्रयोग है, जो असाध्य रोगों के मूल कारण माने जाने वाले 'सर्व शाप' को समाप्त करने के लिए समर्पित है।





