विस्तृत उत्तर
पुरश्चरण हेतु इस मंत्र का सवा लाख (1,25,000) जप करना अनिवार्य माना गया है।
पूर्ण मंत्र सिद्धि और असाध्य रोग निवारण हेतु, साधक को मूल मंत्र का सवा लाख (1,25,000) जप पूरा करना चाहिए।
पुरश्चरण की समाप्ति पर दशांश हवन अनिवार्य है।
असितांग भैरव मंत्र का पुरश्चरण सवा लाख (1,25,000) जप से होता है — पुरश्चरण के बाद दशांश हवन अनिवार्य है।
पुरश्चरण हेतु इस मंत्र का सवा लाख (1,25,000) जप करना अनिवार्य माना गया है।
पूर्ण मंत्र सिद्धि और असाध्य रोग निवारण हेतु, साधक को मूल मंत्र का सवा लाख (1,25,000) जप पूरा करना चाहिए।
पुरश्चरण की समाप्ति पर दशांश हवन अनिवार्य है।
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