विस्तृत उत्तर
दशांश हवन पुरश्चरण (मंत्र सिद्धि प्रक्रिया) का अनिवार्य अंग है। इसमें मंत्र जप की कुल संख्या का दसवां भाग (10%) हवन के रूप में किया जाता है।
दशांश हवन का गणित (सवा लाख जप पर)
| क्रम | कर्म | संख्या | विधान |
|------|------|--------|--------|
| 1 | मंत्र जप | 1,25,000 | मूल साधना |
| 2 | हवन | 12,500 आहुतियां | जप का दशांश |
| 3 | तर्पण | 1,250 | हवन का दशांश |
| 4 | मार्जन | 125 | तर्पण का दशांश |
| 5 | ब्राह्मण भोजन | 12-13 | मार्जन का दशांश |
शिव मंत्र हवन की विशेष सामग्री
- ▸आम की समिधा (लकड़ी)
- ▸घी, तिल, जौ, चावल, मिश्री — पंचद्रव्य
- ▸बिल्वपत्र (शिव को अत्यंत प्रिय)
- ▸धतूरे के फूल, आक के फूल
- ▸भांग-धतूरा (केवल हवन आहुति में)
हवन विधि
- 1विधिवत हवन कुंड स्थापित करें (2x2 फुट कुंड पर्याप्त)।
- 2अग्नि प्रज्वलित कर गणेश पूजन और अग्नि स्थापना करें।
- 3मंत्र के अंत में 'स्वाहा' जोड़कर प्रत्येक आहुति दें। जैसे: 'ॐ नमः शिवाय स्वाहा'।
- 4प्रत्येक आहुति के साथ घी मिश्रित सामग्री अग्नि में अर्पित करें।
- 5अंत में पूर्णाहुति (नारियल, घी, फल, मेवा) दें।
यदि पूर्ण दशांश हवन संभव न हो
कुछ मतों के अनुसार, यदि हवन-तर्पण-मार्जन पूर्ण रूप से संभव न हो तो जप संख्या का 25% अतिरिक्त जप करके संकल्पपूर्वक पूर्ण मान सकते हैं। परंतु जहां तक संभव हो दशांश हवन अवश्य करें।
ध्यान रखें: दशांश हवन किसी विद्वान आचार्य के मार्गदर्शन में करना सर्वोत्तम है।





