विस्तृत उत्तर
शिव के कुछ मंत्र ऐसे हैं जो बिना गुरु-दीक्षा के भी किसी भी व्यक्ति द्वारा जपे जा सकते हैं, जबकि कुछ तांत्रिक मंत्रों के लिए दीक्षा अनिवार्य है।
बिना दीक्षा के जप योग्य शिव मंत्र
1'ॐ नमः शिवाय' (पंचाक्षरी मंत्र)
यह सबसे सार्वभौमिक शिव मंत्र है। शिव पुराण में इसे सभी के लिए सुलभ बताया गया है। हालांकि, कुछ संप्रदायों में इसकी भी दीक्षा का विधान है, परंतु सामान्य भक्ति जप के लिए यह सभी को उपलब्ध माना गया है।
2'ॐ नमो भगवते रुद्राय' (रुद्र मंत्र)
यह भक्ति और स्तुति मंत्र है, जिसे कोई भी जप सकता है।
3महामृत्युंजय मंत्र (वैदिक मंत्र)
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...' — यह वैदिक मंत्र है जो ऋग्वेद और यजुर्वेद में है। यह सार्वजनिक मंत्र माना गया है और बिना दीक्षा के भी जपा जाता है। हालांकि पुरश्चरण स्तर की साधना के लिए गुरु मार्गदर्शन श्रेष्ठ है।
4शिव नाम जप
हर हर महादेव', 'बम बम भोले', 'जय शिव शंकर', 'साम्ब सदाशिव' — ये भक्तिपूर्ण नाम जप हैं, इनमें किसी दीक्षा की आवश्यकता नहीं।
5रुद्राष्टक, शिव तांडव स्तोत्र
ये स्तोत्र (स्तुति) हैं, मंत्र नहीं — इन्हें कोई भी पढ़ सकता है।
6शिव गायत्री
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्' — यह भी सामान्य जप के लिए सुलभ है।
दीक्षा आवश्यक मंत्र (बिना गुरु जप न करें)
- ▸तांत्रिक बीज मंत्र (ह्रीं, क्लीं आदि सहित)
- ▸श्मशान साधना से संबंधित मंत्र
- ▸अघोर मंत्र
- ▸विशेष सिद्धि मंत्र
- ▸षडाक्षरी और अन्य गुप्त मंत्र (जो गुरु-शिष्य परंपरा से प्राप्त हों)
सामान्य सिद्धांत: भक्ति मंत्र और वैदिक स्तुति मंत्र सर्वसुलभ हैं। तांत्रिक और गुप्त मंत्रों के लिए दीक्षा अनिवार्य है।





