विस्तृत उत्तर
शिव पंचाक्षर मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का 1 लाख बार जप करना एक लघु अनुष्ठान कहलाता है। इस अनुष्ठान को पूर्ण करने के लिए शास्त्रोक्त नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
सबसे पहले किसी शुभ दिन (जैसे सोमवार, प्रदोष या शिवरात्रि) को हाथ में जल लेकर संकल्प लें कि आप कितने दिनों में 1 लाख जप पूरा करेंगे (जैसे 40 दिन में प्रतिदिन 25 माला)। जप के लिए रुद्राक्ष की माला और ऊनी आसन का प्रयोग करें। आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। अनुष्ठान की अवधि के दौरान पूर्ण ब्रह्मचर्य, एक समय सात्विक भोजन और भूमि शयन (जमीन पर सोना) का नियम अपनाना चाहिए। जब 1 लाख जप पूर्ण हो जाए, तो दशांश (10,000 मंत्रों) से हवन, 1,000 मंत्रों से तर्पण और 100 मंत्रों से मार्जन करना चाहिए। इसके पश्चात ब्राह्मणों या कन्याओं को भोजन कराने से यह अनुष्ठान सिद्ध हो जाता है।





