विस्तृत उत्तर
विवाह में अत्यधिक विलंब होना, रिश्ते आकर टूट जाना या कुंडली में मंगल आदि दोष होने पर माता दुर्गा के छठे स्वरूप 'माता कात्यायनी' की साधना को सनातन धर्म में सबसे सटीक और शीघ्र फलदायी उपाय माना गया है। द्वापर युग में गोपियों ने भी श्री कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए इन्हीं की आराधना की थी।
विवाह योग्य कन्याओं के लिए सिद्ध कात्यायनी मंत्र है—'कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥' कन्या को प्रतिदिन गोधूलि बेला (शाम के समय) लाल वस्त्र पहनकर माता की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 बार इसका जप करना चाहिए। यह मंत्र विवाह में आ रहे सभी ग्रहीय दोषों को काटकर सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति सुनिश्चित करता है।





