विस्तृत उत्तर
संतान प्राप्ति में विलंब, चिकित्सीय बाधाएं या बार-बार होने वाले गर्भपात जैसी समस्याओं के निवारण के लिए शास्त्रों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप (लड्डू गोपाल) की आराधना को सर्वश्रेष्ठ और अमोघ बताया गया है।
संतान सुख के लिए 'संतान गोपाल मंत्र' का विधान है: 'ॐ देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥' (अर्थात: हे देवकी नंदन, गोविन्द, वासुदेव, हे जगत के स्वामी! मैं आपकी शरण में हूँ, मुझे सुयोग्य संतान प्रदान करें)। पति-पत्नी दोनों को प्रातःकाल शुद्ध होकर, बाल गोपाल की मूर्ति के सम्मुख तुलसी या पीले चंदन की माला से सवा लाख जप का संकल्प लेकर इस मंत्र का प्रतिदिन उच्चारण करना चाहिए। यह साधना कुंडली के सभी संतान बाधक दोषों को नष्ट कर देती है।





