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कृष्ण प्रश्नोत्तरी — 134 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित कृष्ण विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 134 प्रश्न

लोक

गीता के 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः' का महर्लोक पर क्या अर्थ है?

गीता (८.१६) का 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोऽर्जुन' महर्लोक पर भी लागू है — यह भी पुनरावर्ती है। यहाँ से मोक्ष न मिला तो नई सृष्टि में वापसी होती है।

गीता 8.16आब्रह्मभुवनाल्महर्लोक
दिव्यास्त्र

अर्जुन ने संशप्तकों के विरुद्ध वायव्यास्त्र क्यों चलाया?

संशप्तकों ने अर्जुन को चारों ओर से घेरकर इतनी बाण वर्षा की कि कृष्ण भी अर्जुन को देख नहीं पा रहे थे। इस संकट से निकलने के लिए अर्जुन ने वायव्यास्त्र चलाया।

अर्जुनसंशप्तकवायव्यास्त्र
मंत्र साधना

कृष्ण के 'क्लीं कृष्णाय गोविंदाय' मंत्र की जप संख्या

यह 18 अक्षरों का महामंत्र है, इसलिए इसकी पूर्ण सिद्धि के लिए 18 लाख जप का विधान है। हालांकि, सवा लाख (1,25,000) का अनुष्ठान करके भी इसे सिद्ध किया जा सकता है।

कृष्णक्लींगोविंद
स्वप्न शास्त्र

सपने में बांसुरी की ध्वनि का अर्थ?

बांसुरी ध्वनि = अत्यंत शुभ (कृष्ण कृपा)। मधुर ध्वनि = प्रेम, आनंद, शांति। कृष्ण बजाते = अपार सुख+धन। आध्यात्मिक: ईश्वर का बुलावा — भक्ति बढ़ाएँ।

सपने में बांसुरीकृष्णस्वप्न फल
देव कथा

कृष्ण को मक्खन प्रिय क्यों — आध्यात्मिक अर्थ?

दूध मथो=मक्खन(सार)। साधना=हृदय मंथन→भक्ति=मक्खन। शुद्ध+कोमल हृदय=कृष्ण निवास। चोरी=बिना माँगे हृदय चुराते। 'मक्खन नहीं, प्रेम चाहिए'—कृष्ण।

कृष्णमक्खनमाखन
दिव्यास्त्र

नारायणास्त्र से पांडव सेना को कैसे बचाया गया?

श्रीकृष्ण की सूझबूझ से पांडव सेना बची। कृष्ण ने सभी को शस्त्र त्यागकर रथ से उतरकर हाथ जोड़कर नारायणास्त्र के प्रति समर्पण करने का आदेश दिया।

नारायणास्त्रपांडव सेनाकृष्ण
दिव्यास्त्र

घटोत्कच का बलिदान कृष्ण की रणनीति का हिस्सा था — कैसे?

कृष्ण ने जानबूझकर घटोत्कच को रात में उतारा ताकि कर्ण वासवी शक्ति उस पर चलाने को विवश हो जाए। यह अर्जुन को बचाने के लिए एक सुनियोजित रणनीतिक बलिदान था।

घटोत्कचबलिदानकृष्ण
दिव्यास्त्र

घटोत्कच के मरने पर कृष्ण ने आनंद से नृत्य क्यों किया?

कृष्ण इसलिए आनंदित थे क्योंकि घटोत्कच ने वासवी शक्ति को अर्जुन से दूर करा दिया। अब कर्ण के पास अर्जुन को मारने का सबसे बड़ा हथियार नहीं था और पांडवों की जीत सुनिश्चित हो गई।

कृष्णघटोत्कचनृत्य
दिव्यास्त्र

घटोत्कच कौन था और उसे युद्ध में क्यों उतारा गया?

घटोत्कच भीम और राक्षसी हिडिम्बा का अर्ध-राक्षस पुत्र था। कृष्ण ने उसे चौदहवें दिन रात को इसलिए उतारा ताकि कर्ण वासवी शक्ति उस पर चला दे और अर्जुन बच जाए।

घटोत्कचभीमहिडिम्बा
दिव्यास्त्र

कृष्ण ने कर्ण के मन को कैसे भ्रमित रखा?

कृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति से कर्ण के मन को मोहित और भ्रमित रखा ताकि वह अर्जुन पर वासवी शक्ति का प्रयोग करने के बारे में न सोचे।

कृष्णकर्णमन भ्रमित
दिव्यास्त्र

भगवान कृष्ण ने वासवी शक्ति से अर्जुन को बचाने के लिए क्या रणनीति अपनाई?

कृष्ण ने 13 दिनों तक अर्जुन के रथ को कर्ण से दूर रखा और अपनी दिव्य शक्ति से कर्ण के मन को मोहित रखा ताकि वह अर्जुन पर वासवी शक्ति का प्रयोग न करे।

कृष्णवासवी शक्तिअर्जुन
अस्त्र शस्त्र

सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध क्यों किया गया?

राजसूय यज्ञ में शिशुपाल ने भरी सभा में कृष्ण का 101वीं बार अपमान किया। कृष्ण ने बुआ को 100 अपराध क्षमा करने का वचन दिया था — वह पूरा होने पर सुदर्शन चक्र से वध किया।

शिशुपाल वधसुदर्शन चक्रकृष्ण
दिव्यास्त्र

कृष्ण की छाती पर वैष्णवास्त्र का क्या हुआ?

कृष्ण की छाती पर आते ही वैष्णवास्त्र एक वैजयंती माला में बदल गया और उनके गले में सुशोभित हो गया क्योंकि कृष्ण स्वयं विष्णु के अवतार थे।

कृष्णवैष्णवास्त्रवैजयंती माला
दिव्यास्त्र

कृष्ण ने अर्जुन को बचाने के लिए क्या किया?

जब भगदत्त का वैष्णवास्त्र अर्जुन की ओर आया तो श्री कृष्ण ने अर्जुन की रक्षा के लिए वह अस्त्र स्वयं अपनी छाती पर ले लिया।

कृष्णअर्जुनवैष्णवास्त्र
दिव्यास्त्र

वैष्णवास्त्र किसका व्यक्तिगत अस्त्र है?

वैष्णवास्त्र भगवान विष्णु का व्यक्तिगत अस्त्र है। उनके अवतार श्री राम और श्री कृष्ण के पास भी यही अस्त्र था।

वैष्णवास्त्रविष्णुकृष्ण
देव कथा

कृष्ण की बांसुरी का आध्यात्मिक अर्थ?

बांसुरी=खाली बांस=अहंकार शून्य→ईश्वर दिव्य संगीत बजाते। छेद=कष्ट(कष्ट बिना संगीत नहीं)। कृष्ण होंठ=निकटतम। ध्वनि=ईश्वर पुकार(गोपियाँ दौड़ीं)। खाली हो जाओ=कृष्ण बजाएंगे।

कृष्णबांसुरीवेणु
दिव्यास्त्र

भगदत्त ने अर्जुन पर कौन सा अस्त्र चलाया और क्या हुआ?

भगदत्त ने वैष्णवास्त्र चलाया। यह इतना शक्तिशाली था कि कृष्ण को आगे आकर इसे अपनी छाती पर झेलना पड़ा जहाँ यह वैजयंती माला बन गया।

भगदत्तवैष्णवास्त्रअर्जुन
कृष्ण भक्ति

कृष्ण नाम जप के लिए तुलसी माला क्यों प्रयोग करते हैं?

पद्म पुराण: तुलसी = वृन्दा, विष्णु को सर्वाधिक प्रिय। 'बिना तुलसी पूजा अपूर्ण।' शुद्धता, विशेष ऊर्जा, गौड़ीय: कंठी = शरणागति। स्कंद पुराण: 'तुलसी माला = मंत्र सिद्धि।' कृष्ण/विष्णु = तुलसी। शिव = रुद्राक्ष। गणेश = तुलसी वर्जित।

तुलसीमालाकृष्ण
देव कथा

कृष्ण को 56 भोग क्यों लगाते?

इंद्र वर्षा 7 दिन→कृष्ण गोवर्धन उठाया→56 प्रहर(7×8) भूखे। 56 प्रहर=56 भोग(प्रत्येक प्रहर 1 व्यंजन)। अन्नकूट=गोवर्धन पूजा। 56=त्याग का प्रतिदान।

कृष्ण56 भोगगोवर्धन
दिव्यास्त्र

परशुराम ने कृष्ण को सुदर्शन चक्र क्यों दिया

परशुराम ने कृष्ण को सुदर्शन इसलिए दिया क्योंकि श्रीकृष्ण विष्णु के पूर्ण अवतार थे और यह चक्र मूलतः विष्णु का ही था। द्वापर में अधर्म-नाश के लिए इस चक्र का सही उत्तराधिकारी कृष्ण थे।

सुदर्शन चक्रपरशुरामकृष्ण
स्तोत्र लाभ

गोविंद दामोदर स्तोत्र पढ़ने के लाभ?

बिल्वमंगल ठाकुर रचित। कृष्ण प्रेम, शांति, भक्ति रस, कष्ट दूर। 'गोविंद दामोदर माधवेति'। एकादशी/जन्माष्टमी। सरल+मधुर — बच्चे भी सीखें।

गोविंद दामोदरकृष्णभक्ति
दिव्यास्त्र

अर्जुन ने खांडव वन दहन में आग्नेयास्त्र का प्रयोग क्यों किया?

अग्नि देव को तृप्त करने के लिए अर्जुन ने श्रीकृष्ण के साथ खांडव वन दहन में आग्नेयास्त्र का प्रयोग किया था।

अर्जुनआग्नेयास्त्रखांडव वन
मंत्र साधना

मानसिक शांति के लिए कृष्ण मंत्र

अत्यधिक तनाव और बेचैनी दूर कर असीम मानसिक शांति पाने के लिए 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' या क्लेशनाशक श्लोक 'कृष्णाय वासुदेवाय हरये...' का मानसिक स्मरण करना सर्वोत्तम है।

मानसिक शांतिकृष्णक्लेश नाश
मंत्र साधना

संतान प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्र

संतान सुख में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए पति-पत्नी को मिलकर बाल गोपाल के सम्मुख 'ॐ देवकीसुत गोविन्द...' मंत्र का तुलसी की माला से सवा लाख जप करना चाहिए।

संतान प्राप्तिसंतान गोपालकृष्ण

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।