विस्तृत उत्तर
भगवान हयग्रीव (जिनका सिर घोड़े का और शरीर मनुष्य का है) भगवान विष्णु के ज्ञान और विद्या के सर्वोच्च अवतार हैं। जब दैत्यों ने वेदों को चुरा लिया था, तब हयग्रीव ने ही उन्हें वापस लाकर ब्रह्मा को ज्ञान दिया था। अत्यंत कुशाग्र बुद्धि और विलक्षण याददाश्त (Photographic Memory) के लिए हयग्रीव उपासना अमोघ है।
याददाश्त बढ़ाने का सबसे प्रामाणिक और प्रसिद्ध श्लोक है—'ज्ञानानन्दमयं देवं निर्मलस्फटिकाकृतिम्। आधारं सर्वविद्यानां हयग्रीवमुपास्महे॥' (अर्थात: जो ज्ञान और आनंद के स्वरूप हैं, निर्मल स्फटिक के समान उज्ज्वल हैं और सभी विद्याओं के आधार हैं, उन भगवान हयग्रीव की हम उपासना करते हैं)। विद्यार्थियों को प्रातःकाल स्फटिक की माला से या अध्ययन शुरू करने से पूर्व 11 बार इस मंत्र का स्मरण करना चाहिए। यह मस्तिष्क की धारणा शक्ति को असीमित कर देता है।





