विस्तृत उत्तर
स्मरण शक्ति (Memory) का कमजोर होना या पढ़ी हुई बातों को तुरंत भूल जाना मस्तिष्क के ज्ञान तंतुओं की शिथिलता को दर्शाता है। मेधा और याददाश्त को कुशाग्र बनाने के लिए ऋग्वेद में वर्णित 'मेधा सूक्त' और माता सरस्वती की उपासना अत्यंत लाभकारी है।
याददाश्त बढ़ाने का सबसे सरल और शक्तिशाली मंत्र है—'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वत्यै नमः'। प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में (सूर्योदय से पूर्व) उठकर, स्फटिक की माला से इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए। 'ऐं' बीज मंत्र ध्वनि के माध्यम से मस्तिष्क की कोशिकाओं (Neurons) को सक्रिय करता है और एकाग्रता को चरम पर ले जाता है। लगातार 40 दिनों तक इस साधना को करने से विस्मृति (भूलने की बीमारी) दूर हो जाती है।





