विस्तृत उत्तर
यहां 'निर्वाण' शब्द के स्थान पर शास्त्रीय रूप से यह 'नवार्ण' (नौ अक्षरों वाला) मंत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती का यह मूल और सबसे शक्तिशाली मंत्र है: 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे'। इसमें नौ अक्षर हैं जो नवदुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इस मंत्र में त्रिदेवियों की शक्ति समाहित है: 'ऐं' माता सरस्वती (ज्ञान) का, 'ह्रीं' माता लक्ष्मी (धन) का, और 'क्लीं' माता काली (शक्ति और शत्रु नाश) का बीज मंत्र है। इसकी साधना विशेष रूप से नवरात्रि के समय रुद्राक्ष या स्फटिक की माला से लाल आसन पर बैठकर की जाती है। इस एक मंत्र के सवा लाख जप से साधक को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है और किसी भी प्रकार का तांत्रिक प्रयोग या ग्रह दोष उस पर असर नहीं करता।





