विस्तृत उत्तर
यद्यपि माता लक्ष्मी का मुख्य बीज मंत्र 'श्रीं' है, लेकिन 'ह्रीं' (Hreem) माया और देवी की असीम शक्ति का बीज है, जिसे ऐश्वर्य और त्रिलोकी की संपदा को नियंत्रित करने के लिए महालक्ष्मी के साथ जपा जाता है। 'ह्रीं' बीज ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रचंड रूप है।
इसे सिद्ध करने के लिए शुक्रवार के दिन या पूर्णिमा की रात का चयन करें। लाल या गुलाबी वस्त्र धारण कर, उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। माता लक्ष्मी की प्रतिमा या श्रीयंत्र के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। कमल गट्टे या स्फटिक की माला से 'ॐ ह्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का कम से कम 11 माला जप करें। यह ध्यान रहे कि 'ह्रीं' एक उग्र बीज भी है, इसलिए साधना काल में मन में अत्यधिक पवित्रता और ब्रह्मचर्य होना चाहिए, अन्यथा ऊर्जा अनियंत्रित हो सकती है। सिद्ध होने पर यह अपार भौतिक संपदा और आकर्षण शक्ति प्रदान करता है।




