विस्तृत उत्तर
भगवान कार्तिकेय (मुरुगन या स्कंद) देवताओं के सेनापति हैं। उनका प्रमुख मंत्र 'ॐ शरवणभवाय नमः' एक षडाक्षरी (छह अक्षरों वाला) मंत्र है। 'श-र-व-ण-भ-व' ये छह अक्षर भगवान के छह मुखों (षडानन) का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो सभी दिशाओं से साधक की रक्षा करते हैं।
यह मंत्र विशेष रूप से व्यक्ति के भीतर के छह शत्रुओं (काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मत्सर) का नाश करता है। जिन जातकों की कुंडली में मंगल ग्रह (Mars) नीच का हो या भयंकर मंगल दोष हो, उन्हें इस मंत्र का जप अवश्य करना चाहिए। यह मंत्र कोर्ट-कचहरी के मुकदमों में जीत, कर्ज से मुक्ति, साहस और नेतृत्व क्षमता (Leadership) में अपार वृद्धि करता है। इसे मंगलवार के दिन लाल चंदन की माला से जपना श्रेष्ठ है।





