विस्तृत उत्तर
माता सरस्वती का बीज मंत्र 'ऐं' (वाग्भव बीज) ज्ञान, बुद्धि और वाणी का सर्वोच्च तांत्रिक मंत्र है। वहीं, माता के हाथों में सुशोभित 'वीणा' मानव शरीर की रीढ़ की हड्डी (सुषुम्ना नाड़ी) और उसके भीतर गूंजने वाले 'अनहत नाद' (Cosmic Sound) का प्रतीक है।
ऐं' मंत्र और वीणा साधना का गहरा संबंध है। जब साधक पूर्ण एकाग्रता से 'ऐं' का मानसिक या सस्वर जप करता है, तो उसके भीतर की सुषुम्ना नाड़ी झंकृत होने लगती है, ठीक वैसे ही जैसे वीणा के तार। इस साधना को प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में स्फटिक की माला से किया जाता है। इसके निरंतर अभ्यास से साधक को अपने भीतर एक सूक्ष्म नाद (ध्वनि) सुनाई देने लगता है। इस ध्वनि के जाग्रत होने पर कला, संगीत, विद्या और वाक् सिद्धि स्वतः ही प्राप्त हो जाती है।





