ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

नाद योग से जुड़े सभी प्रश्न(7)

नाद योग पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 7 प्रश्न उपलब्ध हैं।

मंत्र साधना

सरस्वती माता का 'ऐं' मंत्र और वीणा साधना

'ऐं' मंत्र वाणी का बीज है और 'वीणा' शरीर की सुषुम्ना नाड़ी का प्रतीक है। 'ऐं' के गहरे जप से भीतर की नाड़ी झंकृत होती है, जिससे कला, संगीत और कुशाग्र बुद्धि की प्राप्ति होती है।

#सरस्वती#ऐं बीज#वीणा
भारतीय संगीत एवं आध्यात्म

नाद योग और संगीत में क्या संबंध है

'नाद ब्रह्म' — ध्वनि ही ईश्वर है। नाद योग में आहत नाद (बाहरी ध्वनि) और अनाहत नाद (भीतरी ध्वनि) का भेद है। शास्त्रीय संगीत 108 ऊर्जा-केंद्रों को सक्रिय करने का विज्ञान है। गहरे ध्यान में सुनाई देने वाला अनाहत नाद नाद-साधना का परम लक्ष्य है।

#नाद योग#संगीत योग#नाद ब्रह्म
योग और तंत्र

मंत्रों के माध्यम से चक्रों को जाग्रत करना

प्रत्येक चक्र का अपना बीज मंत्र (जैसे लं, वं, रं) होता है। ध्यान में इन बीजों का उच्चारण करने से उत्पन्न कंपन चक्रों की बंद ग्रंथियों को खोलता है और कुण्डलिनी ऊर्जा को जाग्रत करता है।

#चक्र#कुण्डलिनी#बीज मंत्र
वैदिक दर्शन

आहत नाद और अनाहत नाद में क्या अंतर है?

आहत नाद — दो वस्तुओं के टकराने से बाहरी ध्वनि (घंटा, ढोल)। अनाहत नाद — बिना आघात के स्वतः विद्यमान ॐ का शाश्वत नाद। घंटाकर्णेश्वर वह तीर्थ है जहाँ आहत नाद अनाहत नाद में रूपांतरित होता है।

#आहत नाद#अनाहत नाद#नाद योग
काशी के शिवलिंग

घंटाकर्णेश्वर महादेव के दर्शन से मानसिक रोग दूर होते हैं — क्या यह सच है?

प्रत्यक्ष श्लोक-प्रमाण नहीं है। पर घंटाकर्ण स्वयं पिशाच से शिवगण बने — इसलिए आगमिक मान्यता है कि इनकी आराधना से पिशाच-वृत्ति (मानसिक विकार) दूर होती है। नाद-योग और ध्वनि-चिकित्सा का वैज्ञानिक आधार भी इसे समर्थन देता है।

#घंटाकर्णेश्वर#मानसिक रोग#पिशाच बाधा
साधना मार्ग

नाद ध्यान क्या है?

नाद ध्यान में भीतरी सूक्ष्म ध्वनि (अनाहत नाद) को सुनकर ध्यान गहरा किया जाता है। दोनों कान बंद कर एकाग्र होने पर पहले झनझनाहट, फिर शंख-मृदंग और अंततः ओंकार की दिव्य ध्वनि सुनाई देती है। 'नादब्रह्म' — नाद ही ब्रह्म है।

#नाद ध्यान#अनाहत नाद#नाद योग
ध्यान

ध्यान के दौरान संगीत सुनना सही है या नहीं?

ध्यान में संगीत: नाद योग — हाँ, शुद्ध/सात्विक नाद ध्यान का द्वार (हठयोग प्रदीपिका 4.65)। निर्गुण ध्यान — नहीं, बाहरी ध्वनि बाधक। प्रारंभिक साधक — ॐकार/भजन सहायक। उन्नत — मौन सर्वश्रेष्ठ। उत्तेजक/तामसिक संगीत सर्वथा वर्जित।

#ध्यान#संगीत#नाद योग
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।