योग और तंत्रमंत्रों के माध्यम से चक्रों को जाग्रत करना
प्रत्येक चक्र का अपना बीज मंत्र (जैसे लं, वं, रं) होता है। ध्यान में इन बीजों का उच्चारण करने से उत्पन्न कंपन चक्रों की बंद ग्रंथियों को खोलता है और कुण्डलिनी ऊर्जा को जाग्रत करता है।
#चक्र#कुण्डलिनी#बीज मंत्र