ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
ध्यान📜 नारदीय शिक्षा, सामवेद, हठयोग प्रदीपिका, नाद बिंदु उपनिषद1 मिनट पठन

ध्यान के दौरान संगीत सुनना सही है या नहीं?

संक्षिप्त उत्तर

ध्यान में संगीत: नाद योग — हाँ, शुद्ध/सात्विक नाद ध्यान का द्वार (हठयोग प्रदीपिका 4.65)। निर्गुण ध्यान — नहीं, बाहरी ध्वनि बाधक। प्रारंभिक साधक — ॐकार/भजन सहायक। उन्नत — मौन सर्वश्रेष्ठ। उत्तेजक/तामसिक संगीत सर्वथा वर्जित।

📖

विस्तृत उत्तर

संगीत और ध्यान का संबंध 'नाद योग' परंपरा में विस्तार से वर्णित है।

दो मत

पक्ष में (नाद योग दृष्टि)

हठयोग प्रदीपिका (4.65): 'शब्दब्रह्मणि निष्णातः परं ब्रह्माधिगच्छति।' — नाद (ध्वनि) ब्रह्म में निपुण व्यक्ति परब्रह्म को प्राप्त होता है।

नाद बिंदु उपनिषद: नाद-ध्यान से चित्त की एकाग्रता होती है। शुद्ध संगीत — राग-आधारित, शांत, सात्विक — ध्यान का प्रवेश द्वार बन सकता है।

विपक्ष में (निर्गुण ध्यान दृष्टि)

पतञ्जलि योगसूत्र: गहरे ध्यान में सभी बाहरी उत्तेजनाएँ बाधक हैं। संगीत मन को रूप-रंग-भाव की ओर खींचता है, जो गहरे ध्यान में बाधा है।

निष्कर्ष

  • प्रारंभिक साधक: शांत, सात्विक भजन या ॐकार सहायक
  • नाद योगी: ध्यान का प्रवेश द्वार
  • उन्नत साधक: मौन ध्यान ही उचित

वर्जित संगीत: उत्तेजक, राजसिक, तामसिक संगीत ध्यान के विरुद्ध।

📜
शास्त्रीय स्रोत
नारदीय शिक्षा, सामवेद, हठयोग प्रदीपिका, नाद बिंदु उपनिषद
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

ध्यानसंगीतनाद योगभजन

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

ध्यान के दौरान संगीत सुनना सही है या नहीं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको ध्यान से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर नारदीय शिक्षा, सामवेद, हठयोग प्रदीपिका, नाद बिंदु उपनिषद पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।