विस्तृत उत्तर
ध्यान और पूजा के दौरान दीपक का विधान पुराणों और गृह्यसूत्रों में विस्तार से वर्णित है।
शास्त्रीय निर्देश
पद्म पुराण: घी का दीपक (गाय के घी से) सर्वश्रेष्ठ — यह सात्विकता और ज्ञान का प्रतीक है। देवताओं को घी-ज्योति अत्यंत प्रिय।
अग्नि पुराण: तिल के तेल का दीपक शनि-शांति और पितृ-कार्य के लिए। गाय के घी का दीपक — सर्व-कामना-सिद्धि के लिए।
दीपक के प्रकार और उपयोग
| दीपक | विशेषता | उपयोग |
|------|---------|--------|
| गाय का घी | सर्वश्रेष्ठ, सात्विक | ध्यान, देव-पूजा |
| तिल का तेल | पितृ-कार्य | पितृ-पूजा, शनि |
| सरसों का तेल | मध्यम | सामान्य पूजा |
| कपूर | शुद्धि | आरती, विशेष पूजा |
स्कंद पुराण: 'घृतदीपो ददाति ज्ञानम्।' — घी का दीपक ज्ञान देता है। ध्यान में ज्योति पर त्राटक (एकाग्र दृष्टि) भी एक प्रकार का ध्यान है।
दिशा: दीपक पूर्व या उत्तर दिशा में रखें।





