लोकगीता के 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः' का महर्लोक पर क्या अर्थ है?गीता (८.१६) का 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोऽर्जुन' महर्लोक पर भी लागू है — यह भी पुनरावर्ती है। यहाँ से मोक्ष न मिला तो नई सृष्टि में वापसी होती है।#गीता 8.16#आब्रह्मभुवनाल्#महर्लोक
दिव्यास्त्रअर्जुन ने संशप्तकों के विरुद्ध वायव्यास्त्र क्यों चलाया?संशप्तकों ने अर्जुन को चारों ओर से घेरकर इतनी बाण वर्षा की कि कृष्ण भी अर्जुन को देख नहीं पा रहे थे। इस संकट से निकलने के लिए अर्जुन ने वायव्यास्त्र चलाया।
मंत्र साधनाकृष्ण के 'क्लीं कृष्णाय गोविंदाय' मंत्र की जप संख्यायह 18 अक्षरों का महामंत्र है, इसलिए इसकी पूर्ण सिद्धि के लिए 18 लाख जप का विधान है। हालांकि, सवा लाख (1,25,000) का अनुष्ठान करके भी इसे सिद्ध किया जा सकता है।#कृष्ण#क्लीं#गोविंद
स्वप्न शास्त्रसपने में बांसुरी की ध्वनि का अर्थ?बांसुरी ध्वनि = अत्यंत शुभ (कृष्ण कृपा)। मधुर ध्वनि = प्रेम, आनंद, शांति। कृष्ण बजाते = अपार सुख+धन। आध्यात्मिक: ईश्वर का बुलावा — भक्ति बढ़ाएँ।#सपने में बांसुरी#कृष्ण#स्वप्न फल
देव कथाकृष्ण को मक्खन प्रिय क्यों — आध्यात्मिक अर्थ?दूध मथो=मक्खन(सार)। साधना=हृदय मंथन→भक्ति=मक्खन। शुद्ध+कोमल हृदय=कृष्ण निवास। चोरी=बिना माँगे हृदय चुराते। 'मक्खन नहीं, प्रेम चाहिए'—कृष्ण।#कृष्ण#मक्खन#माखन
दिव्यास्त्रनारायणास्त्र से पांडव सेना को कैसे बचाया गया?श्रीकृष्ण की सूझबूझ से पांडव सेना बची। कृष्ण ने सभी को शस्त्र त्यागकर रथ से उतरकर हाथ जोड़कर नारायणास्त्र के प्रति समर्पण करने का आदेश दिया।#नारायणास्त्र#पांडव सेना#कृष्ण
दिव्यास्त्रघटोत्कच का बलिदान कृष्ण की रणनीति का हिस्सा था — कैसे?कृष्ण ने जानबूझकर घटोत्कच को रात में उतारा ताकि कर्ण वासवी शक्ति उस पर चलाने को विवश हो जाए। यह अर्जुन को बचाने के लिए एक सुनियोजित रणनीतिक बलिदान था।#घटोत्कच#बलिदान#कृष्ण
दिव्यास्त्रघटोत्कच के मरने पर कृष्ण ने आनंद से नृत्य क्यों किया?कृष्ण इसलिए आनंदित थे क्योंकि घटोत्कच ने वासवी शक्ति को अर्जुन से दूर करा दिया। अब कर्ण के पास अर्जुन को मारने का सबसे बड़ा हथियार नहीं था और पांडवों की जीत सुनिश्चित हो गई।#कृष्ण#घटोत्कच#नृत्य
दिव्यास्त्रघटोत्कच कौन था और उसे युद्ध में क्यों उतारा गया?घटोत्कच भीम और राक्षसी हिडिम्बा का अर्ध-राक्षस पुत्र था। कृष्ण ने उसे चौदहवें दिन रात को इसलिए उतारा ताकि कर्ण वासवी शक्ति उस पर चला दे और अर्जुन बच जाए।#घटोत्कच#भीम#हिडिम्बा
दिव्यास्त्रकृष्ण ने कर्ण के मन को कैसे भ्रमित रखा?कृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति से कर्ण के मन को मोहित और भ्रमित रखा ताकि वह अर्जुन पर वासवी शक्ति का प्रयोग करने के बारे में न सोचे।#कृष्ण#कर्ण#मन भ्रमित
दिव्यास्त्रभगवान कृष्ण ने वासवी शक्ति से अर्जुन को बचाने के लिए क्या रणनीति अपनाई?कृष्ण ने 13 दिनों तक अर्जुन के रथ को कर्ण से दूर रखा और अपनी दिव्य शक्ति से कर्ण के मन को मोहित रखा ताकि वह अर्जुन पर वासवी शक्ति का प्रयोग न करे।#कृष्ण#वासवी शक्ति#अर्जुन
अस्त्र शस्त्रसुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध क्यों किया गया?राजसूय यज्ञ में शिशुपाल ने भरी सभा में कृष्ण का 101वीं बार अपमान किया। कृष्ण ने बुआ को 100 अपराध क्षमा करने का वचन दिया था — वह पूरा होने पर सुदर्शन चक्र से वध किया।#शिशुपाल वध#सुदर्शन चक्र#कृष्ण
दिव्यास्त्रकृष्ण की छाती पर वैष्णवास्त्र का क्या हुआ?कृष्ण की छाती पर आते ही वैष्णवास्त्र एक वैजयंती माला में बदल गया और उनके गले में सुशोभित हो गया क्योंकि कृष्ण स्वयं विष्णु के अवतार थे।#कृष्ण#वैष्णवास्त्र#वैजयंती माला
दिव्यास्त्रकृष्ण ने अर्जुन को बचाने के लिए क्या किया?जब भगदत्त का वैष्णवास्त्र अर्जुन की ओर आया तो श्री कृष्ण ने अर्जुन की रक्षा के लिए वह अस्त्र स्वयं अपनी छाती पर ले लिया।#कृष्ण#अर्जुन#वैष्णवास्त्र
दिव्यास्त्रवैष्णवास्त्र किसका व्यक्तिगत अस्त्र है?वैष्णवास्त्र भगवान विष्णु का व्यक्तिगत अस्त्र है। उनके अवतार श्री राम और श्री कृष्ण के पास भी यही अस्त्र था।#वैष्णवास्त्र#विष्णु#कृष्ण
देव कथाकृष्ण की बांसुरी का आध्यात्मिक अर्थ?बांसुरी=खाली बांस=अहंकार शून्य→ईश्वर दिव्य संगीत बजाते। छेद=कष्ट(कष्ट बिना संगीत नहीं)। कृष्ण होंठ=निकटतम। ध्वनि=ईश्वर पुकार(गोपियाँ दौड़ीं)। खाली हो जाओ=कृष्ण बजाएंगे।#कृष्ण#बांसुरी#वेणु
दिव्यास्त्रभगदत्त ने अर्जुन पर कौन सा अस्त्र चलाया और क्या हुआ?भगदत्त ने वैष्णवास्त्र चलाया। यह इतना शक्तिशाली था कि कृष्ण को आगे आकर इसे अपनी छाती पर झेलना पड़ा जहाँ यह वैजयंती माला बन गया।#भगदत्त#वैष्णवास्त्र#अर्जुन
कृष्ण भक्तिकृष्ण नाम जप के लिए तुलसी माला क्यों प्रयोग करते हैं?पद्म पुराण: तुलसी = वृन्दा, विष्णु को सर्वाधिक प्रिय। 'बिना तुलसी पूजा अपूर्ण।' शुद्धता, विशेष ऊर्जा, गौड़ीय: कंठी = शरणागति। स्कंद पुराण: 'तुलसी माला = मंत्र सिद्धि।' कृष्ण/विष्णु = तुलसी। शिव = रुद्राक्ष। गणेश = तुलसी वर्जित।#तुलसी#माला#कृष्ण
देव कथाकृष्ण को 56 भोग क्यों लगाते?इंद्र वर्षा 7 दिन→कृष्ण गोवर्धन उठाया→56 प्रहर(7×8) भूखे। 56 प्रहर=56 भोग(प्रत्येक प्रहर 1 व्यंजन)। अन्नकूट=गोवर्धन पूजा। 56=त्याग का प्रतिदान।#कृष्ण#56 भोग#गोवर्धन
दिव्यास्त्रपरशुराम ने कृष्ण को सुदर्शन चक्र क्यों दियापरशुराम ने कृष्ण को सुदर्शन इसलिए दिया क्योंकि श्रीकृष्ण विष्णु के पूर्ण अवतार थे और यह चक्र मूलतः विष्णु का ही था। द्वापर में अधर्म-नाश के लिए इस चक्र का सही उत्तराधिकारी कृष्ण थे।#सुदर्शन चक्र#परशुराम#कृष्ण
स्तोत्र लाभगोविंद दामोदर स्तोत्र पढ़ने के लाभ?बिल्वमंगल ठाकुर रचित। कृष्ण प्रेम, शांति, भक्ति रस, कष्ट दूर। 'गोविंद दामोदर माधवेति'। एकादशी/जन्माष्टमी। सरल+मधुर — बच्चे भी सीखें।#गोविंद दामोदर#कृष्ण#भक्ति
दिव्यास्त्रअर्जुन ने खांडव वन दहन में आग्नेयास्त्र का प्रयोग क्यों किया?अग्नि देव को तृप्त करने के लिए अर्जुन ने श्रीकृष्ण के साथ खांडव वन दहन में आग्नेयास्त्र का प्रयोग किया था।#अर्जुन#आग्नेयास्त्र#खांडव वन
मंत्र साधनामानसिक शांति के लिए कृष्ण मंत्रअत्यधिक तनाव और बेचैनी दूर कर असीम मानसिक शांति पाने के लिए 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' या क्लेशनाशक श्लोक 'कृष्णाय वासुदेवाय हरये...' का मानसिक स्मरण करना सर्वोत्तम है।#मानसिक शांति#कृष्ण#क्लेश नाश
मंत्र साधनासंतान प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्रसंतान सुख में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए पति-पत्नी को मिलकर बाल गोपाल के सम्मुख 'ॐ देवकीसुत गोविन्द...' मंत्र का तुलसी की माला से सवा लाख जप करना चाहिए।#संतान प्राप्ति#संतान गोपाल#कृष्ण
दोष निवारणघर की कलह दूर करने का मंत्रपरिवार में शांति और प्रेम स्थापित करने के लिए क्लेशनाशक मंत्र 'कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणतक्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥' का प्रतिदिन पाठ करना सर्वोत्तम उपाय है।#पारिवारिक कलह#शांति#कृष्ण
मंत्र साधनासंतान प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्र विधिसंतान प्राप्ति के लिए पति-पत्नी को बाल गोपाल की प्रतिमा के समक्ष 'ॐ देवकीसुत गोविन्द...' मंत्र का तुलसी की माला से संकल्पित जप करना चाहिए।#संतान#गोपाल मंत्र#कृष्ण
मंत्र विधिवैजयंती माला से जप करने से क्या लाभ मिलता है?वैजयंती = कृष्ण/विष्णु को अत्यंत प्रिय (स्वयं धारण करते)। लाभ: विष्णु कृपा, लक्ष्मी प्रसन्नता, ग्रह शांति (शनि), आत्मविश्वास, विवाह बाधा निवारण। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 108। शुक्रवार/सोमवार। तुलसी का शुभ विकल्प।#वैजयंती#माला#विष्णु
देव कथाकृष्ण मोर पंख मुकुट क्यों पहनते?कथा: मोर नाचे(बांसुरी)→पंख अर्पित→कृष्ण मुकुट धारण। पंख=ज्ञान नेत्र(Eye)। मोर=प्रेम(वर्षा नृत्य)। सोना नहीं=प्रकृति पंख=सादगी। प्रेम अर्पित=कृष्ण मुकुट पर।#कृष्ण#मोर पंख#मुकुट
विष्णु अस्त्र शस्त्रपांचजन्य शंख क्या है?पांचजन्य विष्णु और कृष्ण का दिव्य शंख है। कृष्ण ने गुरु पुत्र को बचाने समुद्र में शंखासुर राक्षस का वध किया और उसके शरीर से बने शंख को पांचजन्य नाम दिया। महाभारत में इससे युद्ध घोषित किया।#पांचजन्य शंख#शंखासुर#कृष्ण
मंदिर ज्ञानमंदिर में 56 भोग क्या होता है और कब लगता है?7 दिन × 8 पहर = 56। जन्माष्टमी/अन्नकूट। जगन्नाथ = प्रतिदिन। भक्त/सूप/प्रलेह/फेणिका/सुधाकुंडलिका। सरल: माखन-मिश्री।#56 भोग#छप्पन#कृष्ण
देव कथाकृष्ण ने सुदामा की गरीबी कैसे दूर की?सुदामा=गरीब बालसखा, मुट्ठी चावल भेंट। कृष्ण ने खाए, बिना माँगे झोपड़ी→महल। 'माँगो मत, प्रेम दो=सब मिलेगा।' सच्ची मित्रता=धन नहीं देखती। मुट्ठी=करोड़ लौटे।#कृष्ण#सुदामा#मित्रता
कृष्ण भक्तिगोपाल मंत्र का जप कृष्ण भक्ति के लिए कैसे करें?गोपाल तापनी: 'क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा'। द्वादशाक्षर: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'। तुलसी माला, माखन-मिश्री, एकादशी/जन्माष्टमी। संतान गोपाल = संतान हेतु। कृष्ण = गो (ज्ञान) + पाल (रक्षक)।#गोपाल#कृष्ण#मंत्र
लोकशिशुपाल को मुक्ति कैसे मिली?शिशुपाल को कृष्ण के हाथों वध होकर श्राप से मुक्ति मिली।#शिशुपाल#मुक्ति#कृष्ण
लोककृष्ण ने दन्तवक्र को क्यों मारा?दन्तवक्र प्रतिशोध में कृष्ण से युद्ध करने आया था, इसलिए कृष्ण ने उसका वध किया।#कृष्ण#दन्तवक्र#गदा युद्ध
लोकदन्तवक्र कौन था?दन्तवक्र विजय का तीसरा श्रापित जन्म और कृष्ण का विरोधी राजा था।#दन्तवक्र#कृष्ण#जय विजय
लोकशिशुपाल की आत्मा कृष्ण में क्यों मिली?शिशुपाल जय का अंतिम श्रापित जन्म था, इसलिए मृत्यु पर उसकी ज्योति कृष्ण में समाई।#शिशुपाल#कृष्ण#मुक्ति
लोकशिशुपाल के 100 अपराध क्या थे?शिशुपाल के 100 अपराध कृष्ण के बार-बार अपमान और मर्यादा-भंग से जुड़े थे।#शिशुपाल#100 अपराध#कृष्ण
लोककृष्ण ने शिशुपाल को क्यों मारा?शिशुपाल ने सौ अपराधों की सीमा पार की, इसलिए कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से उसका वध किया।#कृष्ण#शिशुपाल#सुदर्शन चक्र
लोकशिशुपाल कृष्ण से क्यों नफरत करता था?शिशुपाल जय का शत्रु जन्म था, इसलिए वह कृष्ण से तीव्र द्वेष रखता था।#शिशुपाल#कृष्ण#द्वेष
लोकसामान्य आँखों से विश्वरूप क्यों नहीं दिखता?क्योंकि विश्वरूप भौतिक दृष्टि से परे है।#विश्वरूप#दृष्टि#कृष्ण
लोकभगवान कृष्ण ने गीता में पितरों के बारे में क्या कहा है?गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं कि पितरों में वे अर्यमा हैं।#भगवद्गीता#पितरों में अर्यमा#कृष्ण
लोकमहातल में कालिय नाग कौन है?कालिय नाग महातल का प्रमुख नाग है, जिसे भगवान कृष्ण ने कालिय-मर्दन के बाद महातल लौटने का आदेश दिया।#कालिय नाग#महातल#कृष्ण
लोकगीता का 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः' सत्यलोक पर कैसे लागू होता है?गीता (8.16) सकाम कर्मियों पर पूरी तरह लागू है — वे सत्यलोक से भी लौटते हैं। पर क्रम मुक्ति के अधिकारी नहीं लौटते — वे महाप्रलय में मोक्ष पाते हैं।#गीता 8.16#सत्यलोक#पुनरावर्तन
व्रत एवं त्योहारगोवर्धन पूजा में अन्नकूट क्या है?अन्नकूट का अर्थ है 'अन्न का पर्वत।' गोवर्धन पर्वत उठाकर सात दिन भूखे रहने के बाद ब्रजवासियों ने कृष्ण को 7 दिन × 8 पहर = 56 प्रकार के व्यंजन खिलाए — यही छप्पन भोग की परंपरा है। इसे अन्नकूट कहते हैं।#गोवर्धन पूजा#अन्नकूट#56 भोग
व्रत एवं त्योहारनरक चतुर्दशी की कथा क्या है?नरक चतुर्दशी पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा की सहायता से अत्याचारी राक्षस नरकासुर का वध किया और 16 हजार बंदी स्त्रियों को मुक्त कराया था। इसी की खुशी में दीप जलाए गए और यह पर्व मनाया जाने लगा।#नरक चतुर्दशी#नरकासुर#कृष्ण
महाभारतउत्तरा के गर्भ को कृष्ण ने कैसे बचाया?अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से उत्तरा के गर्भ में पल रहे परीक्षित की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने सूक्ष्म रूप धारण करके गर्भ में प्रवेश किया और अपनी दिव्य शक्ति से ब्रह्मास्त्र के प्रहार को निष्फल किया। परीक्षित मृत जन्मे, पर कृष्ण ने उन्हें पुनर्जीवित किया।#उत्तरा#परीक्षित#कृष्ण
महाभारतकृष्ण ने अर्जुन को गीता क्यों सुनाई?कुरुक्षेत्र में युद्ध से पहले अर्जुन अपने स्वजनों को देखकर मोह और शोक में डूब गए और युद्ध करने से इनकार कर बैठे। उनके इस अज्ञानजनित मोह को दूर करने और धर्म के सही स्वरूप को समझाने के लिए श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया।#गीता#कृष्ण#अर्जुन
श्री कृष्णसंतान प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्र का जप कैसे करेंसंतान सुख के लिए 'संतान गोपाल मंत्र' का सवा लाख जप और हरिवंश पुराण का पाठ करना अत्यंत फलदायी है।#संतान#गोपाल मंत्र#हरिवंश पुराण
तीर्थ यात्रागोकुल बरसाना नंदगाव दर्शन क्रममथुरा→वृंदावन→गोकुल (बाल्यकाल)→नंदगाव (नंद बाबा)→बरसाना (राधा जन्म; लट्ठमार होली)→गोवर्धन (परिक्रमा 21km)। 1-2 दिन। होली/जन्माष्टमी विशेष।#गोकुल#बरसाना#नंदगाव