विस्तृत उत्तर
संतान सुख से वंचित दंपत्तियों के लिए 'संतान गोपाल मंत्र' एक दिव्य औषधि के समान माना गया है। यह मंत्र 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥' है। इसका उल्लेख हरिवंश पुराण और मंत्र महोदधि जैसे ग्रंथों में मिलता है। इस मंत्र का जप बाल गोपाल (लड्डू गोपाल) की प्रतिमा के सम्मुख करना चाहिए। संतान प्राप्ति के लिए इस मंत्र के सवा लाख जप का अनुष्ठान और उसके बाद हरिवंश पुराण का श्रवण करना शास्त्रोक्त विधि है, जिससे उत्तम और गुणवान संतान की प्राप्ति होती है।





