विस्तृत उत्तर
56 भोग = छप्पन भोग — कृष्ण विशेष:
क्या है: 56 प्रकार के व्यंजन भगवान को अर्पित।
क्यों 56
गोवर्धन लीला — कृष्ण ने इंद्र प्रकोप से बचाने हेतु 7 दिन गोवर्धन उठाया → बिना भोजन। यशोदा = दिन में 8 पहर (बार) भोजन कराती थीं। 7 दिन × 8 पहर = 56 भोग।कब: जन्माष्टमी, गोवर्धन पूजा (अन्नकूट), प्रतिदिन।
सूची: भक्त(भात), सूप(दाल), प्रलेह(चटनी), सदिका(कढ़ी), सिखरिणी(सिखरन), अवलेह(शरबत), बालका(बाटी), फेणिका(फेनी), सुधाकुंडलिका(जलेबी), चक्राम(मालपुआ)... आदि 56।
सरल: 56 न बने → माखन-मिश्री + पंचामृत = कृष्ण सर्वप्रिय।
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