विस्तृत उत्तर
चढ़ाए गए फूल = 'निर्माल्य' — दो मत:
नहीं लाएं (प्रचलित)
- ▸भगवान को अर्पित = देवता का। वापस लेना = 'दिया हुआ वापस' = अशुभ।
- ▸निर्माल्य = अशुद्ध (पूजा बाद) — कुछ परंपरा।
लाएं (अन्य मत)
- ▸प्रसाद = भगवान कृपा — फूल प्रसाद = शुभ।
- ▸तुलसी/बिल्वपत्र = विशेष प्रसाद।
- ▸शिर/पुस्तक पर रखें = शुभ।
नियम: चढ़ाने से पहले का फूल (अर्पण पूर्व) = ठीक। चढ़ाया हुआ (निर्माल्य) = परंपरा अनुसार। पैर से न छुएं, भूमि पर न फेंकें। नदी/पीपल विसर्जन = उत्तम।
सार: संप्रदाय/परंपरा अनुसार। दोनों मान्य।





