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मंदिर ज्ञान📜 पूजा परंपरा1 मिनट पठन

मंदिर में चढ़ाए गए फूल घर लाना चाहिए या नहीं?

संक्षिप्त उत्तर

दो मत। नहीं: 'दिया वापस=अशुभ'। हां: 'प्रसाद=कृपा'। तुलसी/बिल्व=प्रसाद। पैर से न छुएं। नदी/पीपल विसर्जन। संप्रदाय अनुसार दोनों मान्य।

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विस्तृत उत्तर

चढ़ाए गए फूल = 'निर्माल्य' — दो मत:

नहीं लाएं (प्रचलित)

  • भगवान को अर्पित = देवता का। वापस लेना = 'दिया हुआ वापस' = अशुभ।
  • निर्माल्य = अशुद्ध (पूजा बाद) — कुछ परंपरा।

लाएं (अन्य मत)

  • प्रसाद = भगवान कृपा — फूल प्रसाद = शुभ।
  • तुलसी/बिल्वपत्र = विशेष प्रसाद।
  • शिर/पुस्तक पर रखें = शुभ।

नियम: चढ़ाने से पहले का फूल (अर्पण पूर्व) = ठीक। चढ़ाया हुआ (निर्माल्य) = परंपरा अनुसार। पैर से न छुएं, भूमि पर न फेंकें। नदी/पीपल विसर्जन = उत्तम।

सार: संप्रदाय/परंपरा अनुसार। दोनों मान्य।

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शास्त्रीय स्रोत
पूजा परंपरा
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