ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

नहीं — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 10 प्रश्न

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मंदिर ज्ञान

मंदिर में चढ़ाए गए फूल घर लाना चाहिए या नहीं?

दो मत। नहीं: 'दिया वापस=अशुभ'। हां: 'प्रसाद=कृपा'। तुलसी/बिल्व=प्रसाद। पैर से न छुएं। नदी/पीपल विसर्जन। संप्रदाय अनुसार दोनों मान्य।

फूलचढ़ाएघर
मंदिर ज्ञान

मंदिर में चढ़ाई गई सामग्री को दोबारा चढ़ा सकते हैं या नहीं?

वर्जित। एक बार अर्पित = निर्माल्य → दोबारा = 'दिया वापस'=अशुभ। प्रसाद = ग्रहण, न चढ़ाएं। मंदिर A→B = वर्जित। 'ताजा+नया+शुद्ध = भगवान को।'

सामग्रीदोबाराचढ़ाना
घर मंदिर

घर के मंदिर में किन देवताओं की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए?

विवादास्पद। कुछ: नटराज (तांडव/संहार), रौद्र शिव, बड़ी (>9 इंच), खंडित = बचें। शुभ: बालकृष्ण, लक्ष्मी-गणेश, शांत शिव, राधा-कृष्ण। अनेक: 'सभी शुभ, भाव > रूप।'

मूर्तिनहींरखनी
मंत्र जप नियम

मंत्र अनुष्ठान के दौरान भोजन में क्या खाएं और क्या नहीं?

सात्विक: दूध/घी/फल/चावल/मूंग/खीर/मेवा। वर्जित: प्याज-लहसुन, मांस-मदिरा, बासी, तीखा/खट्टा। एक समय (कठोर) / दो (सामान्य)। घर का ताजा। फलाहार उत्तम।

भोजनअनुष्ठानखाएं
घर मंदिर

घर के मंदिर में शयनकक्ष में रखना उचित है या नहीं?

बचें (दम्पत्य=अशुद्ध, ऊर्जा conflict)। अलग कक्ष सर्वोत्तम। विकल्प नहीं: पर्दे से ढकें, पूर्व/उत्तर, पैर ओर नहीं। क्रम: अलग>रसोई>ड्राइंग>शयनकक्ष (अंतिम)।

शयनकक्षबेडरूममंदिर
घर मंदिर

घर के मंदिर में प्रतिदिन पूजा न कर पाएं तो क्या करें?

2 मिनट: दीपक+अगरबत्ती+'ॐ' 3 बार। या जल अर्पण+प्रणाम। मानस 'ॐ नमः शिवाय' 11। परिवार बांटें। अपूजित न छोड़ें। 'कुछ > शून्य।' 'भगवान भाव देखते, अवधि नहीं।'

प्रतिदिनपूजानहीं
घर मंदिर

घर के मंदिर में नटराज की मूर्ति रखनी चाहिए या नहीं?

विवादास्पद। कुछ वास्तु: नहीं (तांडव=संहार)। अन्य: हां (पंचकृत्य=सम्पूर्ण, CERN में भी)। 'शिव=शुभ — भाव प्रधान।' संदेह: शांत शिव = निर्विवाद।

नटराजमूर्तिरखनी
मंदिर ज्ञान

मंदिर के गर्भगृह में सामान्य भक्त क्यों प्रवेश नहीं कर सकते?

ऊर्जा तीव्र (ScoopWhoop: 'सबसे ज़्यादा'), 3 तरफ बंद = concentrated, शुद्धता (पुजारी = विशेष शुद्ध), भीड़ नियंत्रण। IndiaNews: 'छोटा, अंधेरा = बाहरी दुनिया पीछे।'

गर्भगृहप्रवेशनहीं
मंदिर ज्ञान

मंदिर से बाहर निकलते समय घंटी बजानी चाहिए या नहीं?

वर्जित (NewsTrack verified: 'शिष्टाचार विपरीत')। श्लोक: 'गमनार्थं तु राक्षसाम्' — बाहर जाते घंटी = राक्षस गमन। प्रवेश = आवाहन। बाहर = मौन विदाई। 2-3 बार पर्याप्त।

बाहरनिकलतेघंटी
मंदिर ज्ञान

मंदिर में पैर फैलाकर क्यों नहीं बैठना चाहिए?

अपमान (पैर=नीचा), ऊर्जा leak, योग (ऊर्ध्व=सुखासन), शिष्टाचार। सही: सुखासन/वज्रासन/खड़े। पैर=मूर्ति विपरीत। बीमार/वृद्ध = जैसे संभव — भगवान समझते हैं।

पैरफैलानानहीं

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।