विस्तृत उत्तर
पैर फैलाना = वर्जित — कारण:
- 1अपमान: पैर = शरीर सबसे नीचा। भगवान/गुरु/मूर्ति ओर पैर = अपमान।
- 2ऊर्जा: पैर = ऊर्जा बाहर निकलने का मार्ग। फैलाना = पूजा ऊर्जा leak।
- 3योग: सुखासन/पद्मासन = ऊर्जा ऊर्ध्व (ऊपर)। पैर फैलाना = ऊर्जा नीचे (भूमि)।
- 4शिष्टाचार: किसी भी बड़े/सम्मानित व्यक्ति ओर पैर = अशिष्ट — भगवान = सर्वोच्च।
- 5अन्य भक्त: भीड़ = पैर फैलाना = दूसरों को असुविधा।
सही: सुखासन (पालथी), वज्रासन (घुटने), खड़े। पैर = मूर्ति विपरीत दिशा।
अपवाद: बीमार/वृद्ध/विकलांग = जैसे बैठ सकें — भगवान समझते हैं।





