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मंत्र जप नियम📜 मंत्र शास्त्र, आयुर्वेद, साधना नियम1 मिनट पठन

मंत्र अनुष्ठान के दौरान भोजन में क्या खाएं और क्या नहीं?

संक्षिप्त उत्तर

सात्विक: दूध/घी/फल/चावल/मूंग/खीर/मेवा। वर्जित: प्याज-लहसुन, मांस-मदिरा, बासी, तीखा/खट्टा। एक समय (कठोर) / दो (सामान्य)। घर का ताजा। फलाहार उत्तम।

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विस्तृत उत्तर

अनुष्ठान भोजन नियम:

खाएं (सात्विक)

  • दूध, दही, घी, मक्खन।
  • फल (सभी), सब्जियां (हरी, कद्दू, लौकी)।
  • चावल, गेहूं, जौ, मूंग दाल।
  • खीर, हलवा (घी-शक्कर)।
  • मेवा (बादाम, काजू, किशमिश)।
  • शहद, मिश्री, गुड़।

नहीं खाएं

  • प्याज-लहसुन: तामसिक — वर्जित।
  • मांस-मछली-अंडा: पूर्णतः वर्जित।
  • मदिरा: पूर्णतः वर्जित।
  • बासी भोजन: ताजा ही।
  • अत्यधिक तीखा/नमकीन/खट्टा।
  • मसूर दाल, उड़द (कुछ परंपरा)।
  • बाहर का भोजन: घर का शुद्ध।

विशेष: एक समय भोजन (दोपहर) = कठोर। दो समय (सात्विक) = सामान्य। फलाहार = उत्तम।

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शास्त्रीय स्रोत
मंत्र शास्त्र, आयुर्वेद, साधना नियम
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