विस्तृत उत्तर
हां — संकल्प अनिवार्य:
क्यों
- 1दिशा निर्धारण: संकल्प = GPS — बिना दिशा = ऊर्जा बिखरे।
- 2मन प्रतिबद्धता: 'मैंने वचन दिया' → अधूरा छोड़ना कठिन।
- 3देवता को सूचना: 'मैं यह कर रहा हूं, इस उद्देश्य से' → देवता ध्यान दें।
- 4शास्त्रीय: बिना संकल्प = अनुष्ठान अधूरा/निष्फल।
कब: अनुष्ठान प्रथम दिन, जप आरंभ से पहले।
कैसे: हाथ में जल+अक्षत+फूल → 'ॐ विष्णुर्... [तिथि, नाम, उद्देश्य, मंत्र, संख्या]... करिष्ये' → जल छोड़ें।
दैनिक जप: संकल्प = अनुशंसित किन्तु सरल: 'हे [देवता], मैं आपकी कृपा हेतु [मंत्र] जप करता हूं।'





