विस्तृत उत्तर
जरूरी नहीं — किन्तु अत्यंत अनुशंसित:
क्यों शुभ
- 1दीपक = ज्ञान/ईश्वर: 'तमसो मा ज्योतिर्गमय।' दीपक = अंधकार नाश।
- 2अगरबत्ती/धूप = वातावरण शुद्धि: सुगंध → मन शांत → एकाग्रता।
- 3देवता आवाहन: दीपक+धूप = देवता उपस्थिति का संकेत।
- 4षोडशोपचार: दीप (9वां) + धूप (10वां) = पूजा अंग।
बिना भी मान्य
- ▸मानस जप = कहीं भी, कभी भी — दीपक/अगरबत्ती नहीं।
- ▸यात्रा/बाहर = संभव नहीं → बिना = शुभ।
- ▸'भक्ति भाव > बाहरी सामग्री।'
अनुष्ठान: दीपक अनिवार्य (घी/तिल तेल)। दैनिक = अनुशंसित।





