ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
मंत्र जप नियम📜 मंत्र शास्त्र, तंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

रात में मंत्र जप करना शुभ है या अशुभ?

संक्षिप्त उत्तर

काली/भैरवी/तांत्रिक = रात्रि शुभ। शिवरात्रि = रात्रि अनिवार्य। गायत्री/सूर्य = प्रातः (रात्रि विवादास्पद)। 'ॐ नमः शिवाय' / 'ॐ' = कभी भी।

📖

विस्तृत उत्तर

रात्रि जप — देवता और उद्देश्य पर निर्भर:

शुभ (रात्रि जप)

  • काली/भैरवी/छिन्नमस्ता: रात्रि/मध्यरात्रि = उत्तम। काली = रात्रि देवी।
  • शिवरात्रि: रात्रि जागरण + जप = अनिवार्य।
  • महामृत्युंजय: रात्रि में भी शुभ।
  • तांत्रिक साधना: अधिकतर रात्रि काल।

सामान्यतः अनुशंसित नहीं

  • वैदिक मंत्र/गायत्री: प्रातः/संध्या — रात्रि में गायत्री जप विवादास्पद (कुछ वर्जित मानते हैं)।
  • सूर्य मंत्र: रात्रि अनुपयुक्त (सूर्य = दिन)।

सार: देवता अनुसार — काली/शिव = रात्रि शुभ। गायत्री/सूर्य = प्रातः। 'ॐ नमः शिवाय' / 'ॐ' = कभी भी।

📜
शास्त्रीय स्रोत
मंत्र शास्त्र, तंत्र शास्त्र
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

रातजपशुभअशुभदेवता

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

रात में मंत्र जप करना शुभ है या अशुभ — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको मंत्र जप नियम से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर मंत्र शास्त्र, तंत्र शास्त्र पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।