विस्तृत उत्तर
आंखें बंद vs खुली — दोनों मान्य:
बंद (अधिक प्रचलित)
- ▸एकाग्रता सहज — बाहरी विचलन कम।
- ▸ध्यान गहन — इष्ट देवता दर्शन सरल।
- ▸अधिकांश परंपराओं में अनुशंसित।
अर्ध-खुली (योग/बौद्ध)
- ▸नासिकाग्र (नाक की नोक) पर दृष्टि = 'नासिकाग्र दृष्टि'।
- ▸नींद नहीं आती (बंद आंख = नींद संभव)।
- ▸शिव ध्यान = अर्ध-निमीलित (आधी बंद) नेत्र।
खुली (यंत्र/त्राटक)
- ▸श्री यंत्र/दीपक पर दृष्टि = त्राटक + जप = एकाग्रता।
सार: शुरुआत = बंद आंखें (सरल)। नींद आए = अर्ध-खुली। यंत्र/दीपक = खुली। भक्ति भाव प्रधान।





