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मंत्र जप नियम📜 योग शास्त्र, ध्यान परंपरा1 मिनट पठन

मंत्र जप करते समय आंखें बंद रखें या खुली?

संक्षिप्त उत्तर

बंद = सरल, एकाग्र (अधिकांश)। अर्ध-खुली = नासिकाग्र/शिव (नींद न आए)। खुली = यंत्र/त्राटक। शुरुआत: बंद। नींद: अर्ध-खुली। भाव प्रधान।

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विस्तृत उत्तर

आंखें बंद vs खुली — दोनों मान्य:

बंद (अधिक प्रचलित)

  • एकाग्रता सहज — बाहरी विचलन कम।
  • ध्यान गहन — इष्ट देवता दर्शन सरल।
  • अधिकांश परंपराओं में अनुशंसित।

अर्ध-खुली (योग/बौद्ध)

  • नासिकाग्र (नाक की नोक) पर दृष्टि = 'नासिकाग्र दृष्टि'।
  • नींद नहीं आती (बंद आंख = नींद संभव)।
  • शिव ध्यान = अर्ध-निमीलित (आधी बंद) नेत्र।

खुली (यंत्र/त्राटक)

  • श्री यंत्र/दीपक पर दृष्टि = त्राटक + जप = एकाग्रता।

सार: शुरुआत = बंद आंखें (सरल)। नींद आए = अर्ध-खुली। यंत्र/दीपक = खुली। भक्ति भाव प्रधान।

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शास्त्रीय स्रोत
योग शास्त्र, ध्यान परंपरा
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