मंत्र जप करते समय आंखें बंद रखें या खुली?
की चेकलिस्ट
बंद = सरल, एकाग्र (अधिकांश)। अर्ध-खुली = नासिकाग्र/शिव (नींद न आए)। खुली = यंत्र/त्राटक। शुरुआत: बंद। नींद: अर्ध-खुली। भाव प्रधान।
- 1एकाग्रता सहज — बाहरी विचलन कम।
- 2ध्यान गहन — इष्ट देवता दर्शन सरल।
- 3अधिकांश परंपराओं में अनुशंसित।
- 4नासिकाग्र (नाक की नोक) पर दृष्टि = 'नासिकाग्र दृष्टि'।
- 5नींद नहीं आती (बंद आंख = नींद संभव)।
- 6शिव ध्यान = अर्ध-निमीलित (आधी बंद) नेत्र।
- 7श्री यंत्र/दीपक पर दृष्टि = त्राटक + जप = एकाग्रता।
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