विस्तृत उत्तर
मंत्र जप में दिशा:
पूर्व दिशा — सर्वसाधारण
सूर्योदय = नई ऊर्जा। सभी देवताओं के मंत्र जप के लिए सार्वभौमिक। शांति, ज्ञान, सिद्धि।
उत्तर दिशा — शिव/कुबेर
कैलाश = उत्तर। शिव मंत्र, धन प्राप्ति, ज्ञान।
अन्य
- ▸पश्चिम: विशेष अनुष्ठान — वशीकरण (कुछ तंत्र)।
- ▸दक्षिण: मारण/उच्चाटन — सामान्यतः वर्जित (यम दिशा)।
देवता अनुसार
- ▸शिव = उत्तर/पूर्व।
- ▸देवी = पूर्व/उत्तर।
- ▸विष्णु/कृष्ण = पूर्व।
- ▸गणेश = पूर्व/उत्तर।
- ▸सूर्य = पूर्व (सूर्य की ओर)।
सार: पूर्व या उत्तर = सर्वसुलभ, सर्वशुभ। दक्षिण वर्जित (सामान्य जप में)।





