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मंत्र जप नियम📜 मंत्र शास्त्र, पूजा पद्धति1 मिनट पठन

मंत्र जप करते समय किस दिशा में मुख करके बैठना चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

पूर्व = सर्वसाधारण (सूर्योदय/ऊर्जा)। उत्तर = शिव/ज्ञान/धन (कैलाश)। दक्षिण = वर्जित (यम)। शिव=उत्तर, देवी=पूर्व, विष्णु=पूर्व, सूर्य=पूर्व।

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विस्तृत उत्तर

मंत्र जप में दिशा:

पूर्व दिशा — सर्वसाधारण

सूर्योदय = नई ऊर्जा। सभी देवताओं के मंत्र जप के लिए सार्वभौमिक। शांति, ज्ञान, सिद्धि।

उत्तर दिशा — शिव/कुबेर

कैलाश = उत्तर। शिव मंत्र, धन प्राप्ति, ज्ञान।

अन्य

  • पश्चिम: विशेष अनुष्ठान — वशीकरण (कुछ तंत्र)।
  • दक्षिण: मारण/उच्चाटन — सामान्यतः वर्जित (यम दिशा)।

देवता अनुसार

  • शिव = उत्तर/पूर्व।
  • देवी = पूर्व/उत्तर।
  • विष्णु/कृष्ण = पूर्व।
  • गणेश = पूर्व/उत्तर।
  • सूर्य = पूर्व (सूर्य की ओर)।

सार: पूर्व या उत्तर = सर्वसुलभ, सर्वशुभ। दक्षिण वर्जित (सामान्य जप में)।

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शास्त्रीय स्रोत
मंत्र शास्त्र, पूजा पद्धति
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