विस्तृत उत्तर
माला गिर जाने पर:
- 1तुरंत उठाएं — जमीन पर न छोड़ें।
- 2शुद्धि: गंगाजल/शुद्ध जल छिड़कें। या माथे से स्पर्श कराएं।
- 3मंत्र: इष्ट देवता मंत्र 3-5 बार जपें (जैसे 'ॐ नमः शिवाय' 3 बार)।
- 4जप जारी: जहां छूटा वहीं से आगे। पूरा दोहराने की आवश्यकता नहीं (सामान्य नियम)।
- 5रुद्राक्ष/विशेष माला: गंगाजल + इष्ट मंत्र 11 बार = पुनः अभिमंत्रित।
माला टूट जाए: नई माला लें। पुरानी = नदी/पीपल नीचे विसर्जन।
सार: गिरना = जप भंग नहीं। शुद्ध कर जारी रखें।





