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मंत्र जप नियम📜 मंत्र शास्त्र, योग शास्त्र1 मिनट पठन

मंत्र जप में तर्जनी अंगुली का उपयोग क्यों वर्जित माना गया है?

संक्षिप्त उत्तर

तर्जनी = अहंकार/धमकाना — जप = अहंकार त्याग। वायु तत्व = चंचलता। नकारात्मक (उंगली दिखाना)। सही: अंगूठा + मध्यमा। तर्जनी मोड़कर/दूर।

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विस्तृत उत्तर

तर्जनी (index finger) माला जप में वर्जित:

कारण

  1. 1तर्जनी = अहंकार: 'तर्जनी' = 'तर्जन' = धमकाना/दोष देना। यह अहंकार (ego) की अंगुली है। जप = अहंकार त्याग — अहंकार अंगुली से जप = विपरीत।
  2. 2ब्रह्मा कथा (कुछ परंपरा): ब्रह्मा ने तर्जनी से झूठा दावा किया — शापित। तर्जनी = असत्य।
  3. 3ऊर्जा प्रवाह: योग शास्त्र में तर्जनी = वायु तत्व। वायु = चंचलता। मंत्र जप में स्थिरता चाहिए — चंचल अंगुली से जप = अशुद्ध।
  4. 4नकारात्मक: तर्जनी से इंगित (point) करना = अशुभ (किसी को उंगली दिखाना)।

सही विधि: अंगूठा + मध्यमा (बीच की) — माला फेरें। तर्जनी मोड़कर रखें या दूर।

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शास्त्रीय स्रोत
मंत्र शास्त्र, योग शास्त्र
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