विस्तृत उत्तर
तर्जनी (index finger) माला जप में वर्जित:
कारण
- 1तर्जनी = अहंकार: 'तर्जनी' = 'तर्जन' = धमकाना/दोष देना। यह अहंकार (ego) की अंगुली है। जप = अहंकार त्याग — अहंकार अंगुली से जप = विपरीत।
- 2ब्रह्मा कथा (कुछ परंपरा): ब्रह्मा ने तर्जनी से झूठा दावा किया — शापित। तर्जनी = असत्य।
- 3ऊर्जा प्रवाह: योग शास्त्र में तर्जनी = वायु तत्व। वायु = चंचलता। मंत्र जप में स्थिरता चाहिए — चंचल अंगुली से जप = अशुद्ध।
- 4नकारात्मक: तर्जनी से इंगित (point) करना = अशुभ (किसी को उंगली दिखाना)।
सही विधि: अंगूठा + मध्यमा (बीच की) — माला फेरें। तर्जनी मोड़कर रखें या दूर।





