विस्तृत उत्तर
माला रखने के नियम:
- 1पूजा स्थान: देवता प्रतिमा/चित्र के पास — सबसे शुभ।
- 2गौमुखी/थैली में: माला गौमुखी/सिल्क/ऊनी थैली में रखें — धूल/अशुद्धि से बचाव।
- 3ऊंचे स्थान: भूमि पर कभी नहीं। ऊंचे स्थान/आसन/शेल्फ पर।
- 4अलग रखें: प्रत्येक देवता की माला अलग — शिव = रुद्राक्ष, विष्णु = तुलसी, देवी = स्फटिक/रुद्राक्ष।
- 5गले में: रुद्राक्ष जप माला गले में पहनना = कुछ परंपरा में मान्य, कुछ में वर्जित (जप माला ≠ पहनने की माला)।
न करें: शौचालय/अशुद्ध स्थान, बिस्तर पर, बाहर खुले में, दूसरों को न दें।





