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मंत्र जप नियम📜 मंत्र शास्त्र, माला परंपरा1 मिनट पठन

मंत्र जप के बाद माला कहाँ रखनी चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

पूजा स्थान (देवता पास), गौमुखी/थैली में, ऊंचे स्थान (भूमि नहीं)। प्रत्येक देवता अलग माला। शौचालय/बिस्तर/खुले में नहीं। दूसरों को न दें।

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विस्तृत उत्तर

माला रखने के नियम:

  1. 1पूजा स्थान: देवता प्रतिमा/चित्र के पास — सबसे शुभ।
  2. 2गौमुखी/थैली में: माला गौमुखी/सिल्क/ऊनी थैली में रखें — धूल/अशुद्धि से बचाव।
  3. 3ऊंचे स्थान: भूमि पर कभी नहीं। ऊंचे स्थान/आसन/शेल्फ पर।
  4. 4अलग रखें: प्रत्येक देवता की माला अलग — शिव = रुद्राक्ष, विष्णु = तुलसी, देवी = स्फटिक/रुद्राक्ष।
  5. 5गले में: रुद्राक्ष जप माला गले में पहनना = कुछ परंपरा में मान्य, कुछ में वर्जित (जप माला ≠ पहनने की माला)।

न करें: शौचालय/अशुद्ध स्थान, बिस्तर पर, बाहर खुले में, दूसरों को न दें।

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शास्त्रीय स्रोत
मंत्र शास्त्र, माला परंपरा
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