विस्तृत उत्तर
बाल बांधकर = अनुशंसित:
कारण
- 1शिखा (चोटी): शास्त्र: शिखा = ब्रह्मरंध्र (सहस्रार) रक्षा। जप समय शिखा/बाल बंधे = ऊर्जा संरक्षित।
- 2एकाग्रता: खुले बाल = चेहरे पर आएं → विचलन। बंधे = focus।
- 3शुद्धता: बंधे बाल = व्यवस्थित = सात्विक।
- 4तांत्रिक: कुछ तांत्रिक साधना (काली/भैरवी) = खुले बाल मान्य — विशेष।
सामान्य नियम: बांधकर (पुरुष: शिखा/जूड़ा, महिला: चोटी/जूड़ा)। खुले = दोष नहीं किन्तु बंधे > खुले।





