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मंत्र जप नियम📜 मंत्र शास्त्र, जप विधि1 मिनट पठन

मंत्र जप में माला का सुमेरु उल्लंघन करने से क्या दोष लगता है?

संक्षिप्त उत्तर

सुमेरु = गुरु/ब्रह्म — कभी न लांघें। 108 पर माला उल्टी मोड़कर वापस। लांघने = गुरु अपमान, फल नष्ट। अनजाने में: 'ॐ' 3 बार → जारी।

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विस्तृत उत्तर

सुमेरु (मेरु) = माला का सबसे बड़ा मनका — गुरु/ईश्वर प्रतीक:

नियम: जप करते समय 108 मनके पूरे होने पर सुमेरु (बड़ा दाना) आ जाए — उसे लांघें नहीं (cross न करें)। माला को उल्टा मोड़कर वापस जपना शुरू करें।

दोष (मंत्र शास्त्र)

  • सुमेरु = गुरु/ब्रह्म। लांघना = गुरु/ब्रह्म का अपमान।
  • जप का फल नष्ट हो सकता है (कुछ परंपरा)।
  • मंत्र शक्ति क्षीण।

क्या करें

  1. 1108वें मनके पर पहुंचें → माला उल्टी करें → पुनः 108 जपें (सुमेरु बिना लांघे)।
  2. 2अनजाने में लांघ गए → 'ॐ' 3 बार जपें → आगे जारी। घबराएं नहीं।

सार: सुमेरु = गुरु — कभी न लांघें। माला उल्टा मोड़ें।

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शास्त्रीय स्रोत
मंत्र शास्त्र, जप विधि
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