ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

पूर्व — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 5 प्रश्न

🔍
मंत्र जप नियम

मंत्र जप करते समय किस दिशा में मुख करके बैठना चाहिए?

पूर्व = सर्वसाधारण (सूर्योदय/ऊर्जा)। उत्तर = शिव/ज्ञान/धन (कैलाश)। दक्षिण = वर्जित (यम)। शिव=उत्तर, देवी=पूर्व, विष्णु=पूर्व, सूर्य=पूर्व।

दिशामुखजप
पूजा विधि

पूजा में भगवान की मूर्ति किस दिशा में रखें?

मूर्ति की दिशा: पूर्वाभिमुख — सर्वश्रेष्ठ। मूर्ति पूर्व में हो तो पूजक पश्चिम में बैठे (पूर्व मुख)। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में मंदिर — श्रेष्ठ वास्तु। दक्षिण-पश्चिम में मंदिर न बनाएं।

मूर्ति दिशापूर्ववास्तु
पूजा विधि

पूजा के दौरान दीपक किस दिशा में रखें?

दीपक दिशा: भगवान के दाहिनी ओर। लौ का मुख पूर्व दिशा में। दक्षिण दिशा में दीपक वर्जित (यम की दिशा)। संध्या में ईशान कोण में दीप जलाएं — लक्ष्मी प्रवेश। आरती का दीपक दक्षिणावर्त घुमाएं।

दीपक दिशादाहिनी ओरपूर्व
पूजा विधि

पूजा में किस दिशा में बैठना चाहिए?

पूजा में दिशा: पूर्व मुख — सर्वोत्तम (सूर्य की दिशा, ज्ञान और प्रकाश)। उत्तर मुख — कुबेर और ध्रुव की दिशा (दूसरा विकल्प)। दक्षिण मुख — पितृ तर्पण में; देव पूजा में वर्जित। भाव और श्रद्धा दिशा से अधिक महत्वपूर्ण है।

दिशाबैठनापूर्व
शिव पूजा नियम

शिव की पूजा में दिशा का क्या महत्व है — उत्तर या पूर्व?

उत्तर सर्वोत्तम (कैलाश दिशा), पूर्व भी शुभ, ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) सर्वश्रेष्ठ। जलाधारी मुख उत्तर अनिवार्य। मुख उत्तर/पूर्व, पीठ दक्षिण/पश्चिम।

दिशाउत्तरपूर्व

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।