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विस्तृत उत्तर
शिव पूजा में दिशा का विशेष महत्व है:
उत्तर दिशा — सर्वोत्तम
- ▸शिव का निवास कैलाश = उत्तर दिशा में।
- ▸शिवलिंग की जलाधारी (नाली) का मुख उत्तर दिशा में होना चाहिए।
- ▸उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा = शिव की ओर मुख।
पूर्व दिशा — शुभ
- ▸सूर्योदय = नई ऊर्जा, सकारात्मकता।
- ▸पूजा में पूर्व दिशा सार्वभौमिक रूप से शुभ।
ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) — सर्वश्रेष्ठ
- ▸ईशान = ईश (शिव) + अन (निवास) = शिव का कोना।
- ▸शिवलिंग/शिव प्रतिमा स्थापना: ईशान कोण सर्वोत्तम।
- ▸वास्तु शास्त्र में ईशान = पवित्रतम दिशा।
पूजा करते समय
- ▸मुख उत्तर या पूर्व की ओर।
- ▸पीठ दक्षिण या पश्चिम की ओर (दक्षिण = यम दिशा — कुछ में वर्जित)।
सार: उत्तर (कैलाश दिशा) सर्वोत्तम, पूर्व भी शुभ, ईशान कोण सर्वश्रेष्ठ। जलाधारी उत्तर दिशा अनिवार्य।
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