विस्तृत उत्तर
शिव पुराण और वास्तु शास्त्र में घर के लिए शिवलिंग के आकार के स्पष्ट नियम हैं:
शिव पुराण (कोटिरुद्र संहिता) का नियम
गृहस्थ व्यक्ति के लिए शिवलिंग अंगुष्ठ प्रमाण (अंगूठे के आकार) का होना चाहिए। इससे बड़ा शिवलिंग घर में रखना अशुभ माना गया है।
व्यावहारिक आकार
- ▸घर के लिए: न्यूनतम 1 इंच से अधिकतम 4-6 इंच तक।
- ▸आदर्श आकार: 2-4 इंच (अंगुष्ठ प्रमाण)।
- ▸6 इंच से बड़ा शिवलिंग घर में न रखें।
बड़ा शिवलिंग क्यों वर्जित
शिवलिंग अत्यंत ऊर्जावान होता है। बड़ा शिवलिंग अत्यधिक ऊर्जा उत्सर्जित करता है जिसे घर के वातावरण में संभालना कठिन है। इसीलिए शिवलिंग पर सदैव जल की धारा (कलश) बहती रहती है। घर में इतनी व्यवस्था संभव नहीं।
मंदिर के लिए
मंदिर में किसी भी आकार का शिवलिंग स्थापित कर सकते हैं — कोई प्रतिबंध नहीं। शिव पुराण (विद्येश्वर संहिता) के अनुसार मंदिर के शिवलिंग की लंबाई निर्माणकर्ता/यजमान के 12 अंगुल के बराबर होना उत्तम है।
शिवलिंग की ऊंचाई-चौड़ाई अनुपात
शास्त्रीय विधान के अनुसार शिवलिंग की ऊंचाई उसके व्यास (चौड़ाई) से लगभग दोगुनी होनी चाहिए — अर्थात् 1:2 (चौड़ाई:ऊंचाई) का अनुपात उत्तम माना गया है। ऊपर-नीचे मोटा और बीच में पतला — ऐसा लिंग-पीठ महान फल देने वाला होता है।





