ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
शिव पूजा नियम📜 शिव पुराण, लिंग पुराण, धर्मशास्त्र3 मिनट पठन

शिवलिंग को स्पर्श करना चाहिए या नहीं, शास्त्रों में क्या कहा गया है?

संक्षिप्त उत्तर

शास्त्रों के अनुसार: शिवलिंग का शीर्ष (रुद्र) भाग सीधे स्पर्श न करें। पुरुष स्नान के बाद स्पर्श कर सकते हैं। महिलाओं के लिए सीधा स्पर्श अनेक परंपराओं में वर्जित — 'नंदी मुद्रा' का विकल्प है। अविवाहित कन्याओं के लिए विशेष मनाही। मासिक धर्म में स्पर्श सर्वथा वर्जित। विषय पर मतभेद विद्यमान हैं।

📖

विस्तृत उत्तर

शिवलिंग के स्पर्श को लेकर शास्त्रों में विस्तृत नियम बताए गए हैं। यह विषय कुछ मतभेदों वाला भी है:

शास्त्रीय नियम

1शिवलिंग के विभिन्न भाग

शिवलिंग में तीन मुख्य भाग हैं — सबसे नीचे ब्रह्म भाग (चौकोर आधार), मध्य में विष्णु भाग (अष्टकोणीय/गोलाकार पीठिका जिसमें जलधारी है), और सबसे ऊपर रुद्र (शिव) भाग (गोलाकार शीर्ष)। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार केवल पीठिका (योनि) भाग पर जल चढ़ाना चाहिए। शीर्ष लिंग भाग को सीधे स्पर्श न करना ही श्रेयस्कर माना गया है।

2पुरुषों के लिए

पुरुष श्रद्धालु स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करने के बाद शिवलिंग का स्पर्श और अभिषेक कर सकते हैं। संयमित जीवन जीने वाले, ब्रह्मचर्य व्रतधारी साधकों के लिए यह विशेष फलदायी माना गया है।

3विवाहित महिलाओं के लिए

कुछ शास्त्रीय परंपराओं में विवाहित महिलाएं शिवलिंग का स्पर्श कर सकती हैं, किन्तु यह सर्वमान्य नहीं है। अनेक परंपराओं में महिलाओं को शिवलिंग का ऊपरी (रुद्र) भाग न छूने का निर्देश दिया गया है। शिवलिंग पुरुष तत्त्व (ऊर्जा) का प्रतीक है — महिलाओं के लिए इसका सीधा स्पर्श अनुचित माना गया है।

4अविवाहित कन्याओं के लिए

अविवाहित कन्याओं को शिवलिंग स्पर्श करने से विशेष रूप से मना किया गया है। मान्यता है कि शिव सदा ध्यान और तपस्या में लीन रहते हैं, अतः उनकी तपस्या भंग हो सकती है।

5नंदी मुद्रा — विकल्प

जो महिलाएं श्रद्धावश शिवलिंग स्पर्श करना चाहें, उन्हें 'नंदी मुद्रा' में करना चाहिए। इस मुद्रा में हाथ की पहली और आखिरी उंगली सीधी रखें, बीच की दो उंगलियों को अंगूठे के साथ जोड़ें। इस मुद्रा में किया गया स्पर्श शास्त्रसम्मत माना गया है।

6सामान्य नियम (सभी के लिए)

  • स्पर्श से पूर्व स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें।
  • दाहिने हाथ से जल अर्पित करें।
  • मासिक धर्म के दौरान स्पर्श पूर्णतः वर्जित।
  • भोजन करने के तुरंत बाद या अपवित्र अवस्था में स्पर्श न करें।

भिन्न मत

कुछ आधुनिक विद्वानों और भक्ति परंपराओं का मत है कि शिव सबके हैं और सच्ची श्रद्धा से की गई पूजा में लिंग भेद नहीं होता। यह विषय परंपरा और सम्प्रदाय के अनुसार भिन्न-भिन्न है।

📜
शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण, लिंग पुराण, धर्मशास्त्र
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

स्पर्शशिवलिंगनियममहिलाएंनंदी मुद्रा

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

शिवलिंग को स्पर्श करना चाहिए या नहीं, शास्त्रों में क्या कहा गया है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको शिव पूजा नियम से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर शिव पुराण, लिंग पुराण, धर्मशास्त्र पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।