विस्तृत उत्तर
दीपक की दिशा का नियम धर्म सिंधु और वास्तु शास्त्र में वर्णित है:
दीपक रखने के नियम
1भगवान के दाहिनी ओर
भगवान के सामने दाहिनी ओर दीपक रखना शुभ।
2पूर्व दिशा में मुख
दीपक की लौ पूर्व दिशा में हो — सूर्य की दिशा।
3देवता के सामने
दीपक देवता के सामने रखें — जिससे देवता का मुख प्रकाशित हो।
4दक्षिण दिशा में दीप वर्जित
दक्षिण दिशा में दीपक — यम की दिशा — शुभ नहीं (धर्म सिंधु)।
व्यावहारिक नियम
- ▸दीपक स्थिर स्थान पर रखें — हवा से न बुझे
- ▸दीपक के नीचे थाली या पात्र रखें
- ▸दीपक और मूर्ति के बीच हाथ न डालें
- ▸आरती का दीपक दक्षिणावर्त घुमाएं
वास्तु शास्त्र
घर में संध्या समय ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में दीप जलाना — लक्ष्मी का प्रवेश।





