ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पूजा विधि📜 धर्म सिंधु — दीप स्थापन, वास्तु शास्त्र, आगम शास्त्र1 मिनट पठन

पूजा के दौरान दीपक किस दिशा में रखें?

संक्षिप्त उत्तर

दीपक दिशा: भगवान के दाहिनी ओर। लौ का मुख पूर्व दिशा में। दक्षिण दिशा में दीपक वर्जित (यम की दिशा)। संध्या में ईशान कोण में दीप जलाएं — लक्ष्मी प्रवेश। आरती का दीपक दक्षिणावर्त घुमाएं।

📖

विस्तृत उत्तर

दीपक की दिशा का नियम धर्म सिंधु और वास्तु शास्त्र में वर्णित है:

दीपक रखने के नियम

1भगवान के दाहिनी ओर

भगवान के सामने दाहिनी ओर दीपक रखना शुभ।

2पूर्व दिशा में मुख

दीपक की लौ पूर्व दिशा में हो — सूर्य की दिशा।

3देवता के सामने

दीपक देवता के सामने रखें — जिससे देवता का मुख प्रकाशित हो।

4दक्षिण दिशा में दीप वर्जित

दक्षिण दिशा में दीपक — यम की दिशा — शुभ नहीं (धर्म सिंधु)।

व्यावहारिक नियम

  • दीपक स्थिर स्थान पर रखें — हवा से न बुझे
  • दीपक के नीचे थाली या पात्र रखें
  • दीपक और मूर्ति के बीच हाथ न डालें
  • आरती का दीपक दक्षिणावर्त घुमाएं

वास्तु शास्त्र

घर में संध्या समय ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में दीप जलाना — लक्ष्मी का प्रवेश।

📜
शास्त्रीय स्रोत
धर्म सिंधु — दीप स्थापन, वास्तु शास्त्र, आगम शास्त्र
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

दीपक दिशादाहिनी ओरपूर्ववास्तु

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

पूजा के दौरान दीपक किस दिशा में रखें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पूजा विधि से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर धर्म सिंधु — दीप स्थापन, वास्तु शास्त्र, आगम शास्त्र पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।