मंत्र जप करते समय किस दिशा में मुख करके बैठना चाहिए?
की चेकलिस्ट
पूर्व = सर्वसाधारण (सूर्योदय/ऊर्जा)। उत्तर = शिव/ज्ञान/धन (कैलाश)। दक्षिण = वर्जित (यम)। शिव=उत्तर, देवी=पूर्व, विष्णु=पूर्व, सूर्य=पूर्व।
- 1पश्चिम: विशेष अनुष्ठान — वशीकरण (कुछ तंत्र)।
- 2दक्षिण: मारण/उच्चाटन — सामान्यतः वर्जित (यम दिशा)।
- 3शिव = उत्तर/पूर्व।
- 4देवी = पूर्व/उत्तर।
- 5विष्णु/कृष्ण = पूर्व।
- 6गणेश = पूर्व/उत्तर।
- 7सूर्य = पूर्व (सूर्य की ओर)।
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