मंत्र जप नियममंत्र जप करते समय आंखें बंद रखें या खुली?बंद = सरल, एकाग्र (अधिकांश)। अर्ध-खुली = नासिकाग्र/शिव (नींद न आए)। खुली = यंत्र/त्राटक। शुरुआत: बंद। नींद: अर्ध-खुली। भाव प्रधान।#आंखें#बंद#खुली
ग्रहण विधिग्रहण के दौरान मंदिर के कपाट क्यों बंद कर देते हैं?कपाट बंद: सूतक (गर्भगृह सुरक्षा), राहु-केतु कवच, दर्शन वर्जित, पुनः शुद्धि बाद खुलें। भक्त=बाहर जप (करोड़गुना)। कुछ दक्षिण मंदिर=अपवाद।#ग्रहण#मंदिर कपाट#बंद
जप विधिमंत्र जप करते समय आंखें बंद करनी चाहिए?आँखें बंद — श्रेष्ठ (प्रत्याहार, आंतरिक दर्शन, एकाग्रता)। आँखें खुली — त्राटक जप में या ऊँघ आने पर। गीता: नाक की नोक पर दृष्टि — मध्यम मार्ग। महत्वपूर्ण: आँखों से अधिक मन का इष्ट देव पर होना।#आँखें#बंद#खुली
तीर्थ यात्राबद्रीनाथ मंदिर का कपाट खोलने और बंद करने का क्या नियम है?खोलना: बसंत पंचमी घोषणा → गाडू घड़ा तेल कलश ~5 दिन → रावल स्त्री वेश → प्रातः 6 कपाट। बंद: नवंबर → लक्ष्मी विराजमान → 6 मास विश्राम → अखंड ज्योति।#बद्रीनाथ#कपाट#खोलना