ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
कृष्ण भक्ति📜 गोपाल तापनी उपनिषद, वैष्णव परंपरा1 मिनट पठन

गोपाल मंत्र का जप कृष्ण भक्ति के लिए कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

गोपाल तापनी: 'क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा'। द्वादशाक्षर: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'। तुलसी माला, माखन-मिश्री, एकादशी/जन्माष्टमी। संतान गोपाल = संतान हेतु। कृष्ण = गो (ज्ञान) + पाल (रक्षक)।

📖

विस्तृत उत्तर

गोपाल मंत्र कृष्ण के बाल/गोपाल स्वरूप का मंत्र है:

गोपाल मंत्र (गोपाल तापनी उपनिषद)

'क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा'

अष्टाक्षर गोपाल मंत्र: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' (12 अक्षर — द्वादशाक्षर)

संतान गोपाल मंत्र: 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः।' — संतान प्राप्ति हेतु।

जप विधि

  1. 1तुलसी माला, पीले वस्त्र।
  2. 2कृष्ण/गोपाल बाल रूप चित्र सामने।
  3. 3माखन-मिश्री भोग।
  4. 4108 बार नित्य। एकादशी/जन्माष्टमी विशेष।

फल: कृष्ण भक्ति, संतान सुख, बाल रक्षा, प्रेम, आनंद।

गोपाल तापनी उपनिषद: कृष्ण = 'गो' (ज्ञान) + 'पाल' (रक्षक) = ज्ञान का रक्षक।

📜
शास्त्रीय स्रोत
गोपाल तापनी उपनिषद, वैष्णव परंपरा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

गोपालकृष्णमंत्रभक्ति

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

गोपाल मंत्र का जप कृष्ण भक्ति के लिए कैसे करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको कृष्ण भक्ति से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर गोपाल तापनी उपनिषद, वैष्णव परंपरा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।