विस्तृत उत्तर
गोपाल मंत्र कृष्ण के बाल/गोपाल स्वरूप का मंत्र है:
गोपाल मंत्र (गोपाल तापनी उपनिषद)
'क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा'
अष्टाक्षर गोपाल मंत्र: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' (12 अक्षर — द्वादशाक्षर)
संतान गोपाल मंत्र: 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः।' — संतान प्राप्ति हेतु।
जप विधि
- 1तुलसी माला, पीले वस्त्र।
- 2कृष्ण/गोपाल बाल रूप चित्र सामने।
- 3माखन-मिश्री भोग।
- 4108 बार नित्य। एकादशी/जन्माष्टमी विशेष।
फल: कृष्ण भक्ति, संतान सुख, बाल रक्षा, प्रेम, आनंद।
गोपाल तापनी उपनिषद: कृष्ण = 'गो' (ज्ञान) + 'पाल' (रक्षक) = ज्ञान का रक्षक।





