विस्तृत उत्तर
कृष्ण गायत्री मंत्र
'ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्'
अन्य रूप: 'क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा' (गोपाल तापनी उपनिषद)
कब जप करें
- 1प्रातःकाल (ब्रह्म मुहूर्त) — सर्वोत्तम।
- 2जन्माष्टमी — कृष्ण जन्म दिवस।
- 3एकादशी — विष्णु/कृष्ण तिथि।
- 4बुधवार और शुक्रवार।
- 5कार्तिक मास — कृष्ण का विशेष मास।
- 6गोपाष्टमी, गीता जयंती, राधाष्टमी।
जप विधि: तुलसी माला, पीले वस्त्र, पूर्व दिशा, 108 बार। कृष्ण प्रतिमा/चित्र सामने। माखन-मिश्री भोग।
फल: कृष्ण भक्ति, प्रेम, आनंद, बुद्धि, मोक्ष। गोपाल तापनी उपनिषद: 'कृष्ण एव परं ब्रह्म' — कृष्ण ही परब्रह्म।





