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कृष्ण भक्ति📜 गोपाल तापनी उपनिषद, गौड़ीय वैष्णव1 मिनट पठन

कृष्ण गायत्री मंत्र का जप कब करना चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

'ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्'। कब: प्रातः, जन्माष्टमी, एकादशी, कार्तिक। तुलसी माला, पीले वस्त्र, 108। गोपाल तापनी: 'कृष्ण = परब्रह्म'।

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विस्तृत उत्तर

कृष्ण गायत्री मंत्र

'ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्'

अन्य रूप: 'क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा' (गोपाल तापनी उपनिषद)

कब जप करें

  1. 1प्रातःकाल (ब्रह्म मुहूर्त) — सर्वोत्तम।
  2. 2जन्माष्टमी — कृष्ण जन्म दिवस।
  3. 3एकादशी — विष्णु/कृष्ण तिथि।
  4. 4बुधवार और शुक्रवार।
  5. 5कार्तिक मास — कृष्ण का विशेष मास।
  6. 6गोपाष्टमी, गीता जयंती, राधाष्टमी।

जप विधि: तुलसी माला, पीले वस्त्र, पूर्व दिशा, 108 बार। कृष्ण प्रतिमा/चित्र सामने। माखन-मिश्री भोग।

फल: कृष्ण भक्ति, प्रेम, आनंद, बुद्धि, मोक्ष। गोपाल तापनी उपनिषद: 'कृष्ण एव परं ब्रह्म' — कृष्ण ही परब्रह्म।

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शास्त्रीय स्रोत
गोपाल तापनी उपनिषद, गौड़ीय वैष्णव
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